बांग्लादेश में इस समय हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में एक और अल्पसंख्यक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना सामने आई है। इससे पहले दीपू चंद्र दास की मौत के बाद अब यह दूसरा मामला है, जिसने देश में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना बुधवार को राजबारी शहर के पंग्सा उपजिला में हुई। मृतक की पहचान अमृत मंडल के रूप में हुई है। आरोप है कि मंडल एक आपराधिक गिरोह चलाता था और वसूली समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। घटना वाले दिन वह अपने साथियों के साथ एक स्थानीय निवासी के घर से पैसे वसूलने पहुंचा था।
इसी दौरान स्थानीय लोगों के साथ उसकी झड़प हो गई और गुस्साई भीड़ ने उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में मंडल को भीड़ से बचाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब सुबह 2 बजे उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मंडल का शव पोस्टमार्टम के लिए राजबारी सदर अस्पताल के मर्चरी में भेज दिया गया।
दीपू चंद्र दास के बाद, इस्लामिस्टों ने एक और हिंदू युवक की लिंचिंग कर हत्या कर दी।
राजबारी जिले में, इस्लामिस्टों ने हिंदू युवक सम्राट मोन्दल की हत्या कर दी।
इस्लामिस्टों ने सम्राट मोन्दल को उनके घर से घसीटकर बाहर निकाला और पीट-पीटकर मार डाला।
24 दिसंबर की रात करीब 11 बजे,… pic.twitter.com/hfaMa2jaz9
— One India News (@oneindianewscom) December 26, 2025
घटना के बाद मंडल के अधिकांश साथी फरार हो गए, हालांकि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से एक विदेशी पिस्तौल और एक पाइपगन बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, अमृत मंडल के खिलाफ पहले से ही कम से कम दो मामले दर्ज थे, जिनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है।
इस घटना पर मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कड़ी निंदा की है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कोई सांप्रदायिक रूप से प्रेरित हमला नहीं था। अंतरिम सरकार के मुताबिक, पुलिस की प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों से यह मामला वसूली और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
अंतरिम सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मारा गया व्यक्ति शीर्ष आतंकवादी अमृत मंडल उर्फ सम्राट था, जो पैसे की मांग को लेकर इलाके में आया था। स्थानीय लोगों के साथ हुई झड़प के बाद उसकी मौत हुई। सरकार ने यह भी बताया कि इस मामले में अब तक तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि सरकार ने अत्यंत चिंता के साथ यह संज्ञान लिया है कि एक विशेष वर्ग इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने और मृतक की धार्मिक पहचान को उभारने की कोशिश कर रहा है। अंतरिम प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से जिम्मेदाराना व्यवहार करने और अफवाहें न फैलाने की अपील की है।
गौरतलब है कि इससे पहले बांग्लादेश में कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और बाद में शव को जला दिया गया था। उस मामले में पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इन घटनाओं ने देश में बढ़ती अशांति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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