दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुई कार बम धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। जानकारी के अनुसार, धमाके से लगभग दो सप्ताह पहले उमर पुलवामा स्थित अपने घर गया था। वहीं उसने अपना एक सीक्रेट मोबाइल फोन अपने भाई जहूर इलाही को सौंपा और स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि उसकी किसी भी तरह की खबर आए, तो वह इस फोन को तुरंत पानी में फेंक दे। इस निर्देश से साफ है कि उमर पहले से ही आत्मघाती हमले की योजना पर काम कर रहा था और गिरफ्तारी या मारे जाने की स्थिति में सबूत न बचे, इसकी तैयारी कर चुका था।
पूछताछ के दौरान जहूर इलाही ने बताया कि 9 नवंबर को उमर के कुछ साथियों की गिरफ्तारी की खबर उसने टीवी पर देखी। घबराहट में उसने उसी वक्त उमर का दिया हुआ फोन घर के पास स्थित एक तालाब में फेंक दिया। बाद में सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष उपकरणों की मदद से यह फोन पानी से बरामद किया। फोन बुरी तरह खराब हो चुका था, लेकिन फोरेंसिक टीम ने इसकी मेमोरी से महत्वपूर्ण डेटा और एक वीडियो रिकवर करने में सफलता हासिल की।
यह वीडियो बेहद चौंकाने वाला था। इसमें उमर टूटी-फूटी अंग्रेज़ी में खुद को ‘शहीद’ बताते हुए इस आत्मघाती हमले को “शहादत का ऑपरेशन” कहकर प्रचारित कर रहा था। रिकवर किए गए सभी डिजिटल सबूत अब NIA को सौंप दिए गए हैं, जो इस पूरे मॉड्यूल की गहरी जांच कर रही है।
10 नवंबर को हुई i-20 कार में ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। अब तक इस केस में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें 5 आतंकी डॉक्टर शामिल हैं। यह खुलासा पूरे मॉड्यूल की गहराई और संगठनात्मक प्लानिंग को उजागर करता है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अब बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में जुट गई हैं।
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