छांगुर बाबा केस में बड़ा खुलासा: कोठी से मिली धर्मगुरुओं के साथ तस्वीरों वाली एल्बम, 4000 लोगों का कराया धर्मांतरण
उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के मामले में रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। बलरामपुर पुलिस द्वारा बाबा की अवैध कोठी पर बुलडोज़र चलाने से पहले किए गए सर्च ऑपरेशन में एक फोटो एल्बम बरामद हुई, जिसमें बाबा देश-विदेश के नामी धर्मगुरुओं के साथ नजर आ रहा है। इस एल्बम का इस्तेमाल वह लोगों को प्रभावित और गुमराह करने के लिए करता था, खुद को धार्मिक गुरु साबित कर लोगों को अपने जाल में फँसाता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बाबा ने करीब 4000 लोगों का धर्मांतरण कराया, जिनमें 1500 महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं अधिकतर नि:संतान, विधवा या मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिन्हें लालच या भावनात्मक तरीके से धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया गया। बाबा ने बाकायदा धर्मांतरण की रेट लिस्ट तैयार कर रखी थी और लाखों रुपये लेकर धर्म परिवर्तन कराता था।

बाबा की अवैध कोठी, जो उसने 3 बीघा सरकारी ज़मीन पर बनाई थी, उसे बुलडोज़र से गिरा दिया गया है। कोठी के भीतर से कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुई हैं –
- हाई रिज़ोल्यूशन CCTV कैमरे
- विदेशों से मंगवाए गए लग्ज़री आइटम
- कंट्रोल रूम और मीटिंग हॉल
- विदेशी नस्ल के जानवर
- मिनी पावर स्टेशन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब केस में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। अब तक छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों के 14 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन के सबूत मिले हैं। ये फंडिंग मुख्य रूप से दुबई और इस्लामिक देशों से हुई बताई जा रही है। पुलिस को बाबा की करीब 300 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का भी पता चला है।
बाबा के साथ उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को भी लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है, जबकि महबूब, पिंकी हरिजन, पैमैन रिज़वी सहित 14 अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का कनेक्शन आतंकी गतिविधियों और माफिया संगठनों से भी हो सकता है।
उत्तर प्रदेश ATS ने 5 जुलाई 2025 को छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया था। अब यह मामला केवल धर्मांतरण का नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फंडिंग नेटवर्क और समाज को तोड़ने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां इस केस को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से तहकीकात में जुटी हैं।