भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कथित रूप से 12 अरब डॉलर (करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये) का सोना बेचने संबंधी खबर पर बड़ा मोड़ आ गया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने अपनी विवादित रिपोर्ट वापस ले ली है और स्वीकार किया है कि यह रिपोर्ट गलत आर्थिक विश्लेषण पर आधारित थी।
इससे पहले भारत सरकार और RBI दोनों ने इस दावे को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया था।
क्या था ब्लूमबर्ग का दावा?
ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि RBI ने 22 मई 2026 को समाप्त हुए दो सप्ताह के दौरान अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा बेच दिया था।
रिपोर्ट में अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा गया था कि केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। रिपोर्ट के अनुसार यह कदम विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों पर दबाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के प्रभाव को देखते हुए उठाया गया था।
हालांकि बाद में यह दावा गलत साबित हुआ।
ब्लूमबर्ग ने मानी गलती
ब्लूमबर्ग ने स्पष्ट किया कि 2 जून को प्रकाशित रिपोर्ट वापस ले ली गई है।
एजेंसी के अनुसार:
- RBI के स्वर्ण भंडार का मूल्यांकन करते समय गलत मूल्य निर्धारण पद्धति का इस्तेमाल किया गया।
- विश्लेषण में उसी दिन के घरेलू सोने के दामों को आधार बनाया गया।
- जबकि वास्तविक गणना के लिए लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की पिछली कारोबारी कीमतों का उपयोग किया जाना चाहिए था।
- सही मूल्यांकन करने पर यह स्पष्ट हुआ कि मई 2026 के दौरान RBI के गोल्ड होल्डिंग्स में कोई कमी नहीं आई थी।
सरकार और PIB ने पहले ही किया था खंडन
रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। इसके बाद सरकार की फैक्ट-चेक इकाई ने भी इस दावे का खंडन किया था।
सरकारी पक्ष ने कहा था कि:
- RBI ने कोई सोना नहीं बेचा है।
- रिपोर्ट में प्रस्तुत आंकड़े भ्रामक हैं।
- केंद्रीय बैंक के आधिकारिक आंकड़े इसके विपरीत तस्वीर पेश करते हैं।
बढ़ रही है RBI के गोल्ड रिजर्व में हिस्सेदारी
RBI के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- सितंबर 2025 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92% थी।
- 31 मार्च 2026 तक यह बढ़कर 16.70% हो गई।
- 22 मई 2026 तक यह हिस्सा बढ़कर 16.85% पहुंच गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि RBI के कुल रिजर्व में सोने का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
880.52 टन पर स्थिर है गोल्ड स्टॉक
RBI द्वारा जारी मासिक बुलेटिन के अनुसार:
- केंद्रीय बैंक का कुल स्वर्ण भंडार 880.52 टन बना हुआ है।
- मई 2026 के दौरान इस भंडार में कोई कमी दर्ज नहीं की गई।
- केंद्रीय बैंक लगातार अपने रिजर्व प्रबंधन की जानकारी सार्वजनिक करता है।
भारत के स्वर्ण भंडार पर वैश्विक नजर
पिछले कुछ वर्षों में RBI ने अपने स्वर्ण भंडार को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच सोना केंद्रीय बैंकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven Asset) माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का बढ़ता स्वर्ण भंडार विदेशी मुद्रा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
गलत रिपोर्ट पर उठा था बड़ा विवाद
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया और आर्थिक जगत में व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। अब रिपोर्ट वापस लिए जाने के बाद यह मामला वैश्विक आर्थिक रिपोर्टिंग में डेटा सत्यापन और विश्लेषण की विश्वसनीयता को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।
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