नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अभय कुमार की गिरफ्तारी नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने की। पुलिस के मुताबिक, इंजीनियर युवराज की मौत में उसकी भूमिका सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। अब आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में बिल्डर की लापरवाही और प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। परिजनों की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद रविवार को अभय कुमार को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
नोएडा :: इंजीनियर मौत मामले में नामजद बिल्डर गिरफ्तार अभय कुमार
एमजेड विश्टाउन का मालिक गिरफ्तार,
नालेज पार्क थाना पुलिस ने की गिरफ्तारी pic.twitter.com/72AN1n3Vvj
— UP POLICE NEWS (@UPPOLICE_NEWS5) January 20, 2026
अभय कुमार एमजेड विजटाउन (MZ Wiztown) का मालिक है। हालांकि इस केस में दूसरा बिल्डर मनीष कुमार अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जानकारी के अनुसार, अभय कुमार और मनीष कुमार दोनों ही विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और विजटाउन प्लानर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
बताया गया है कि विजटाउन ने वर्ष 2020 में नोएडा सेक्टर-150 में स्थित यह संपत्ति लोटस ग्रीन्स से खरीदी थी। इसके बाद विज़टाउन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने उसी साल ‘आर्थम’ नामक एक कॉमर्शियल प्रोजेक्ट शुरू किया। वर्ष 2021 में प्रोजेक्ट की बैरिकेडिंग भी कराई गई थी। आर्थम एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स या मॉल परियोजना थी, जिसमें बड़े स्तर पर निर्माण कार्य प्रस्तावित था।
आरोप है कि प्रोजेक्ट स्थल पर सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया गया। आर्थम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था। शनिवार देर रात युवराज की कार अनियंत्रित होकर दीवार तोड़ते हुए उसी पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर साइट पर उचित सुरक्षा इंतजाम होते तो यह हादसा टल सकता था।
zaubacorp.com की रिपोर्ट के अनुसार, विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड एक निजी कंपनी है, जिसे 28 दिसंबर 2016 को कानपुर में रजिस्टर किया गया था। कंपनी की आखिरी वार्षिक आम बैठक (AGM) 29 दिसंबर 2022 को हुई थी। यह कंपनी निजी या पट्टे पर ली गई अचल संपत्तियों जैसे अपार्टमेंट, आवासीय और गैर-आवासीय भवनों के विकास, खरीद-बिक्री, किराये पर देने और संचालन से जुड़े काम करती है। कंपनी का कार्यालय नोएडा सेक्टर-62 में स्थित है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फरार आरोपी मनीष कुमार की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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