उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में मंगलवार देर रात एक बार फिर गैंगवार की खौफनाक तस्वीर सामने आई, जब कुख्यात छेनू गैंग से जुड़े वसीम की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। यह वारदात शास्त्री पार्क फ्लाईओवर लूप के पास हुई, जहाँ वसीम पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल वसीम को परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुँचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हत्या के बाद इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जाँच में सामने आया है कि वसीम पहले से ही गैंगवार की जद में था। उस पर इससे पहले चार बार जानलेवा हमले हो चुके थे। जून महीने में वेलकम इलाके में उसे गोलियाँ मारी गई थीं, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इलाज के दौरान जीटीबी अस्पताल में भी बदमाशों ने उस पर हमला करने की कोशिश की थी, हालांकि उस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी दो अलग-अलग मौकों पर वसीम पर फायरिंग की गई थी। लगातार हमलों के बावजूद बचता रहा वसीम इस बार किस्मत का साथ नहीं पा सका।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हत्या में वसीम के ही दो भतीजों—शाकिर और इस्लाम उर्फ बॉर्डर—की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। वसीम की पत्नी ने भी दोनों पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

इसी बीच इस हत्याकांड में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया। पोस्ट में कहा गया कि वसीम लगातार कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के खिलाफ बयानबाजी कर रहा था, इसी वजह से उसे खत्म किया गया। पोस्ट में धमकी भरे शब्दों के साथ यह भी कहा गया कि पहले भी उस पर हमले किए गए थे और दुश्मनों को यह संदेश दिया गया कि गैंग किसी को नहीं छोड़ता।
हालांकि पुलिस फिलहाल इस हत्या को आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद के एंगल से भी देख रही है। साथ ही सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और जेल से जुड़े संभावित कनेक्शन की गहराई से जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा कि यह हत्या निजी दुश्मनी का नतीजा थी या किसी बड़े गैंगवार की साजिश।
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