मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और शिक्षा से लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था तक, कई मुद्दों पर सपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने बच्चों को संस्कारों से जोड़ते हुए पाठ्यक्रम में ‘ग’ से ‘गणेश’ पढ़ाना शुरू किया था, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार ने उसका विरोध करते हुए कहा कि ‘ग’ से ‘गणेश’ नहीं बल्कि ‘ग’ से ‘गधा’ होता है। योगी आदित्यनाथ ने इसे सपा की सोच और संस्कारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यही कारण है कि उनकी बुद्धि भी गधे जैसी हो गई है।
#WATCH | Moradabad | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, "…One development model talks about providing modern education, world-class infrastructure for good education to students. On the other hand, there was another model of development under which there were schools but no… pic.twitter.com/VVHfNnBi9x
— ANI (@ANI) August 6, 2025
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वर्तमान में डबल इंजन की सरकार शिक्षा के उन्नयन के लिए काम कर रही है, लेकिन सपा नेता विद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने जब सत्ता में थी, तब प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया था। न उन्होंने शिक्षकों की भर्ती की, न ही शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई ध्यान दिया। उन्होंने भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देकर हर जिले में अपने माफिया खड़े कर दिए थे, जिससे प्रदेश में अराजकता और दंगों का बोलबाला था।
#WATCH | Moradabad | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, "…Under the Samajwadi Party govt in UP, there was 'one district, one mafia'. There was a state of anarchy. But today, the people of Uttar Pradesh are received more warmly than they were earlier. Today, we have 'one… pic.twitter.com/u8MrOHH8CJ
— ANI (@ANI) August 6, 2025
समाजवादी पार्टी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया था: सीएम
सीएम योगी ने कहा, “कौन नहीं जानता है कि समाजवादी पार्टी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया था। इन्होंने शिक्षा के स्तर को गिरा दिया था। शिक्षकों की भर्ती नहीं की थी। लगातार भाई-भतीजेवाद के नाम पर प्रदेश के अंदर पूरी व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने का काम किया था। हर जिले में इनके माफिया थे। वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया के नाम पर उन्होंने इसको दंगों की आग में झोंका था। अराजकता का तांडव हुआ था। यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा था। आज यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट नहीं है। पहले यूपी का नागरिक जब यूपी के बाहर जाता था तो पहचान का संकट खड़ा होता था। लोग यूपी के नाम से चिढ़ते थे।”
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