शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन संवेदनशीलता और सेवा भाव का उदाहरण बन गया। नर सेवा को नारायण सेवा मानने वाले मुख्यमंत्री ने सोमवार को फरियादियों की समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इसी दौरान कानपुर की एक गरीब बुजुर्ग महिला अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर पहुंची। मां के आंसुओं और करुणा से भरे शब्दों ने मुख्यमंत्री को भावुक कर दिया। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मरीज को एंबुलेंस से कल्याण सिंह सुपर स्पेशियालिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाने और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
दरअसल, यह महिला कानपुर के रायपुरवा की निवासी है और आर्थिक तंगी के कारण अपने जवान बेटे का इलाज नहीं करा पा रही थी। उसने मुख्यमंत्री से कहा कि परिवार के पास न तो पैसा है और न ही आयुष्मान कार्ड। बेटे को जीवनदान दिलाने की गुहार सुनते ही मुख्यमंत्री ने बिना देर किए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उनके आदेश पर पीड़ित को जनता दर्शन से सीधे अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसका इलाज प्रारंभ हो गया।

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए करीब 50 से अधिक फरियादियों से मुलाकात की और अफसरों को समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नर सेवा को नारायण सेवा मानकर कार्य कर रही है और 25 करोड़ जनता का चेहरा खिलखिलाना ही सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इलाज के लिए कोई भी पीड़ित जब भी अपनी समस्या लेकर सरकार के पास पहुंचेगा, उसे हरसंभव सहायता दी जाएगी।

जनता दर्शन में बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। योगी आदित्यनाथ ने नन्हे-मुन्नों को दुलारते हुए उनके सिर पर हाथ फेरा और अपनत्व का अहसास कराया। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट और टॉफियां भी भेंट कीं। शारदीय नवरात्रि के इस मौके पर जनता दर्शन मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव की मिसाल बन गया।