दिल्ली पुलिस ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इनकी पहचान मोहम्मद अब्दुलअजीज मियां और मोहम्मद रफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि दोनों लगभग दो साल पहले भारत आए थे, लेकिन वीजा की समयसीमा खत्म होने के बाद भी वापस अपने देश नहीं लौटे। पुलिस ने दोनों को महिपालपुर इलाके से गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा। पूछताछ के दौरान जब उनसे वैध वीजा और यात्रा दस्तावेज मांगे गए, तो वे कुछ भी पेश नहीं कर पाए और स्वीकार किया कि वे लंबे समय से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे।
#WATCH | Two illegal Bangladeshi migrants, namely Md. Abdulaziz Mian and Md. Rafiqul Islam was detained by the Operations Cell, South West District. Fresh deportation process initiated with the help of Foreigners Regional Registration Office (FRRO), Delhi, after completing all… pic.twitter.com/cVWIFo5ozI
— ANI (@ANI) September 29, 2025
पुलिस ने बताया कि अब इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए दिल्ली स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की मदद से सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस लगातार इस तरह के अभियान चला रही है ताकि देश में अवैध तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जा सके।
इससे पहले 25 सितंबर को भी दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की थी। उस समय 25 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 23 उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से मिले थे। पकड़े गए लोगों में पांच नाबालिग और 10 महिलाएं भी शामिल थीं। बताया गया कि ये सभी लोग बिना किसी वैध दस्तावेज या कानूनी अनुमति के पिछले आठ सालों से भारत में रह रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान पकड़े गए दो बांग्लादेशियों – हसन शेख (35) और अब्दुल शेख (37), जो बांग्लादेश के सतखीरा जिले के निवासी हैं – ने यह स्वीकार किया कि उनके कई रिश्तेदार और परिचित कानपुर देहात में रह रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने वहां छापेमारी की और 23 और अवैध प्रवासियों को पकड़ने में सफलता पाई।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel