देश में सनातन धर्म को लेकर सियासी विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। तमिलनाडु में DMK नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा दिए गए विवादित बयान का अब कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हुसैन दलवई ने समर्थन किया है।
हुसैन दलवई ने उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी को सही बताते हुए कहा कि सनातन धर्म और हिंदू धर्म अलग-अलग हैं। उन्होंने दावा किया कि “सनातन धर्म सिर्फ ब्राह्मणों के लिए धर्म है और उसमें हिंदू धर्म के लोग नहीं आते हैं। बहुजन समाज को समझ आना बहुत जरूरी है। स्टालिन के बेटे जो बोले वो बिल्कुल सही बोले, यह सनातन धर्म इस देश को खत्म करेगा। सनातन धर्म ने जाति व्यवस्था और ब्राह्मणों का वर्चस्व स्थापित किया। अभी ये फिर वही सत्ता लाना चाहते हैं।”
मुंबई, महाराष्ट्र: तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने कहा,
"यह सही है कि सनातन धर्म और हिंदू धर्म के बीच कोई संबंध नहीं है।
सनातन धर्म भगवान के लिए धर्म है।
हिंदू लोग उस धर्म से संबंधित नहीं हैं।
बहुजन समुदाय के… pic.twitter.com/xwaxE3W6u7
— One India News (@oneindianewscom) May 16, 2026
क्या कहा हुसैन दलवई ने?
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि बहुजन समाज को इस विषय को समझने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन धर्म ने जाति व्यवस्था और सामाजिक असमानता को बढ़ावा दिया है।
दलवई ने कहा, “स्टालिन के बेटे ने जो कहा वह सही है। यह व्यवस्था देश के लिए नुकसानदेह हो सकती है और समाज में विभाजन पैदा कर सकती है।”
सियासी बहस तेज
इस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर जहां कुछ नेता इस बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।
यह मुद्दा अब धार्मिक आस्था, सामाजिक व्यवस्था और राजनीति के बीच एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
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