उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में हुई एक घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी के आरोपों पर गाजीपुर पुलिस ने कड़ा जवाब देते हुए उन्हें “तथ्यहीन और भ्रामक” बताया है। पुलिस ने अपील की है कि बिना पुष्टि के इस तरह की जानकारी साझा न की जाए।
क्या थे राहुल गांधी के आरोप?
राहुल गाँधी ने दावा किया था कि गाजीपुर में विश्वकर्मा समुदाय की एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को FIR दर्ज कराने से रोका गया और उन्हें धमकियाँ दी गईं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कमजोर वर्ग के लोग लगातार पीड़ित हो रहे हैं, जबकि अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है।
कृपया सही तथ्यों से संज्ञानित हों
दिनांक 15.4.2026 की सुबह 5:44 बजे मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल करके बताया था कि लड़की ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है ।
प्रकरण में मृतका के पिता की तहरीर पर दर्ज एफआईआर में भी रेप का कोई उल्लेख नहीं है।
मृतका के पीएम में भी कोई… https://t.co/ZbwIPG7Pal
— Ghazipur Police (@ghazipurpolice) April 25, 2026
पुलिस का फैक्ट चेक और जवाब
उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजीपुर पुलिस के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर राहुल गांधी के आरोपों का खंडन किया।
पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की सुबह 5:44 बजे मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल कर बताया था कि उनकी बेटी ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि दर्ज FIR में दुष्कर्म का कोई उल्लेख नहीं है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रेप से संबंधित कोई तथ्य सामने नहीं आया है।
अफवाह न फैलाने की अपील
उत्तर प्रदेश पुलिस ने राहुल गांधी को आगाह करते हुए कहा कि कृपया असत्यापित और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें, क्योंकि इससे समाज में शांति भंग हो सकती है।
कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि मामले में हत्या के एक आरोपी समेत पथराव करने वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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