राजस्थान के जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल को लेकर विवाद सामने आया है। स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई है। CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि गांव में मौजूद भाजपा से जुड़े लोगों ने उनकी टीम के साथ मारपीट की और उनकी कार को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, ग्रामीणों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अलग दावा किया है।
मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आने के कारण घटना को लेकर स्थिति विवादित बनी हुई है।
CJP टीम ने लगाया हमले और कार में तोड़फोड़ का आरोप
CJP टीम के अनुसार, वह रामपुरा कंवरपुरा स्थित सरकारी स्कूल की मौजूदा स्थिति देखने और स्कूल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गांव पहुंची थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया।
टीम का आरोप है कि विवाद के दौरान उसके सदस्यों के साथ हमला किया गया और उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया। CJP की ओर से इस घटनाक्रम में कथित तौर पर भाजपा से जुड़े स्थानीय लोगों की भूमिका होने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, ग्रामीण पक्ष ने मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
ग्रामीण का दावा- 200 से 250 लोगों के साथ गांव पहुंची थी टीम
गांव के निवासी जुगल किशोर शर्मा ने CJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने किसी के साथ मारपीट नहीं की। उनका दावा है कि CJP की टीम करीब 200 से 250 लोगों के साथ गांव पहुंची थी और ग्रामीणों ने उनसे केवल शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत की थी।
जुगल किशोर शर्मा ने यह भी दावा किया कि CJP टीम की कार को ग्रामीणों ने नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि टीम ने अपनी कार को कथित तौर पर खुद नुकसान पहुंचाया। हालांकि, इन परस्पर विरोधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।
स्कूल की मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित सरकारी स्कूल की मरम्मत के लिए पहले ही करीब 12 लाख रुपये का फंड स्वीकृत किया जा चुका है। उनका दावा है कि स्कूल में आवश्यक कार्य स्थानीय विधायक के स्तर से कराया जाना है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जब स्कूल की मरम्मत के लिए पहले ही धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, तब बाहरी राजनीतिक टीम के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उन्होंने CJP टीम के स्कूल दौरे का विरोध किया।
ग्रामीण महिला ने बच्चों की पढ़ाई को लेकर जताई चिंता
गांव की महिला अनु शर्मा ने भी स्कूल से जुड़े मुद्दे पर चिंता जाहिर की। उनके मुताबिक, स्कूल में करीब 20 से 25 बच्चे पढ़ाई करते हैं। उनका कहना है कि अगर मौजूदा स्कूल भवन को गिराया जाता है तो बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है और उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरी जगह जाने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
अनु शर्मा के अनुसार, स्कूल की मरम्मत के लिए फंड पहले ही पास हो चुका है और स्थानीय ग्रामीण स्कूल को गिराने के पक्ष में नहीं हैं।
दोनों पक्षों के दावों के बीच स्कूल बना विवाद का केंद्र
पूरे मामले में एक तरफ CJP टीम हमले और वाहन में तोड़फोड़ का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं। स्कूल की मरम्मत, भवन के भविष्य और बाहरी टीम के हस्तक्षेप को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए संबंधित प्रशासन या पुलिस की आधिकारिक जांच और बयान महत्वपूर्ण होंगे।
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