बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की तबीयत गंभीर बनी हुई है। उन्हें ढाका के एवरेकेयर अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में रखा गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही है। उनकी स्थिति को देखते हुए चीन सहित अन्य देशों के डॉक्टर भी बांग्लादेश पहुँच चुके हैं और उनकी मेडिकल कंडीशन पर करीबी नज़र रख रहे हैं।
Deeply concerned to learn about the health of Begum Khaleda Zia, who has contributed to Bangladesh’s public life for many years. Our sincere prayers and best wishes for her speedy recovery. India stands ready to extend all possible support, in whatever way we can.
— Narendra Modi (@narendramodi) December 1, 2025
इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया की बिगड़ती सेहत को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि बेगम जिया ने बांग्लादेश के सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पीएम मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए यह भी कहा कि भारत उपचार से लेकर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। राजनीतिक विश्लेषक इस प्रतिक्रिया को केवल औपचारिक संवेदना नहीं, बल्कि संकेतों से भरा कदम मान रहे हैं, क्योंकि खालिदा जिया देश की राजनीति में शेख हसीना के बाद सबसे प्रभावशाली नेता मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि मोदी का बयान भारत की ‘सॉफ्ट बैलेंसिंग’ रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चीन से आए डॉक्टर ढाका में बेगम जिया की चिकित्सा स्थिति का मूल्यांकन कर रहे थे। कूटनीति पर नज़र रखने वालों के अनुसार, भारत का संदेश मानवीय चिंता के साथ-साथ क्षेत्रीय राजनीति में संतुलन बनाए रखने का भी संकेत है।
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