डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर बेहद सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को मारने का फैसला उन्होंने आत्मरक्षा में लिया, क्योंकि उन पर दो बार जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई थी।
ट्रंप के इस बयान के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
“मैंने पहले मार गिराया” – ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा,
“मैंने उसे (खामेनेई) पहले मार गिराया, इससे पहले कि वह मुझे मार गिराता। उसने दो बार कोशिश की। खैर, मैंने उसे पहले ही मार गिराया।”
उनके इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वहां की सेना, पुलिस और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स तुरंत हथियार डाल दें।
उन्होंने कहा कि अगर वे हथियार डालते हैं तो उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें “निश्चित मौत” का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम: ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने यह कदम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उठाया है। उनके अनुसार इससे भविष्य में संभावित परमाणु खतरे और आतंकवादी हमलों को रोका जा सकेगा।
उन्होंने ईरानी शासन पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ दशकों से नफरत फैलाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।
ईरानी जनता से भी की अपील
ट्रंप ने कहा कि यह समय ईरान की जनता के लिए बड़ा मौका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे साहस दिखाएं और अपने देश को कट्टरपंथी शासन से मुक्त कराएं।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान की जनता के साथ खड़ा है।
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