कोलकाता में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। भारी बारिश के कारण हवाई यात्रा पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, जहां 90 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और लगभग इतनी ही उड़ानों में देरी हुई। एओसीसी (हवाई अड्डा परिचालन नियंत्रण केंद्र) की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार मध्यरात्रि से मंगलवार शाम साढ़े सात बजे तक खराब मौसम की वजह से 42 आने वाली और 49 जाने वाली उड़ानें रद्द की गईं। इसके अलावा 33 आने वाली और 62 प्रस्थान करने वाली उड़ानों में काफी देर हुई, जबकि एक उड़ान को मार्ग बदलकर भेजना पड़ा।
ममता की लापरवाही से पश्चिम बंगाल में 9 लोगों की मौत-
पानी में बिजली का करंट दौड़ गया-
अखिलेश जी की दीदी ने कोलकाता में बारिस का पानी निकलने का कोई इंतजाम नहीं किया था।
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— Sudhir Mishra 🇮🇳 (@Sudhir_mish) September 24, 2025
भारी बारिश ने शहर के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया। कोलकाता नगर निगम के अनुसार दक्षिणी और पूर्वी इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए। गरिया में कुछ घंटों में 332 मिमी और जोधपुर पार्क में 285 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और पूर्वी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग ने इसका कारण बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में बने निम्न दबाव के क्षेत्र को बताया।
इस बारिश से कम से कम 10 लोगों की जान चली गई, जिनमें से नौ लोगों की मौत बिजली का करंट लगने से हुई। लगभग चार दशक बाद इतनी भारी बारिश हुई है। 24 घंटे से भी कम समय में 251.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1986 के बाद सबसे अधिक है। 1986 में 259.5 मिमी बारिश हुई थी। यह बीते 137 वर्षों में एक दिन की छठी सबसे अधिक बारिश भी है। बारिश ने मुख्य सड़कों को नदियों में बदल दिया, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं, शैक्षणिक संस्थान बंद करने पड़े और दुर्गा पूजा से पहले ही छुट्टियों की घोषणा करनी पड़ी।
#Kolkata 's condition after overnight rainfall worsened
due to poorly maintained roads and drains, causing
electricity issues.
Nine people died from electrocution.#KolkataFlood #KolkataRains #OGMovie #VikrantMassey pic.twitter.com/0ggTZ2JwxG
— Melawan (@melawanshwa) September 24, 2025
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बारिश को “अभूतपूर्व” करार दिया और फरक्का बैराज से गाद नहीं निकालने तथा बिजली कंपनी सीईएससी की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने नागरिकों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की। ममता ने कहा कि जिन नौ लोगों की मौत खुले तारों की वजह से करंट लगने से हुई है, उनके परिजनों को सीईएससी की ओर से नौकरी और कम से कम पाँच लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
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