केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) और उसके वरिष्ठ अधिकारियों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला लगभग ₹466.91 करोड़ की कथित अनियमितता से जुड़ा है, जिससे इसकी राजनीतिक संवेदनशीलता भी बढ़ गई है, क्योंकि KIIFB के चेयरमैन खुद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन हैं।
यह विवाद KIIFB द्वारा लंदन और सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज में जारी किए गए मसाला बॉन्ड से जुड़ा है, जिसके माध्यम से संस्था ने करीब ₹2,672.80 करोड़ जुटाए थे। यह फंड ‘External Commercial Borrowings’ (ECB) की श्रेणी में आता है और इसके उपयोग को लेकर RBI ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं।
ED का आरोप है कि जुटाई गई धनराशि में से लगभग ₹466 करोड़ का उपयोग जमीन खरीद के लिए किया गया, जबकि RBI नियमों के मुताबिक मसाला बॉन्ड से प्राप्त राशि का उपयोग किसी भी तरह की भूमि या संपत्ति खरीदने में नहीं किया जा सकता। नियमों के इस कथित उल्लंघन ने पूरा मामला विवादों के घेरे में ला दिया है और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के लिए गंभीर राजनीतिक और कानूनी संकट पैदा कर दिया है।
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