प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (22 अगस्त 2025) को कर्नाटक के कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र पप्पी और उनके सहयोगियों से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें चित्रदुर्ग जिले के चल्लकेरे कस्बे में विधायक वीरेंद्र और उनके भाइयों केसी नागराजा तथा केसी थिप्पेस्वामी के आवासों पर पहुँचीं। कुल चार ठिकानों पर स्थानीय स्तर पर छापे मारे गए। इस तलाशी अभियान में करीब 40 से अधिक अधिकारी शामिल थे।
इसके अलावा, ईडी ने बेंगलुरु और गोवा समेत कुल 17 स्थानों पर भी एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई वीरेंद्र और उनकी कंपनियों — रत्ना गोल्ड, रत्ना मल्टी सोर्स, पप्पी टेक्नोलॉजी और रत्ना गेमिंग सॉल्यूशंस — पर लगे आरोपों के मद्देनज़र की गई है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन कंपनियों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और ऐप्स के माध्यम से अवैध लेन-देन हुआ है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब वीरेंद्र के घर पर छापा पड़ा हो। 11 दिसंबर 2016 को आयकर विभाग ने भी उनके घर पर छापेमारी की थी। उस दौरान बाथरूम से 5 करोड़ रुपये नकद और 30 किलो सोना बरामद हुआ था।
फिलहाल विधायक वीरेंद्र विदेश में मौजूद हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि वह कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के करीबी माने जाते हैं, ऐसे में ईडी की इस कार्रवाई ने राज्य की सियासत को और गरमा दिया है।
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