प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (8 जनवरी 2026) को अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर भारतीय AI स्टार्टअप्स के प्रमुखों के साथ अहम बैठक की। यह बैठक इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आयोजित की गई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI के माध्यम से भारत की विविधता और एकता को दुनिया के सामने बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है। इस संवाद में कुल 12 AI स्टार्टअप्स के प्रमुख शामिल हुए, जिन्होंने हेल्थकेयर, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), मटेरियल रिसर्च और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अपने काम और अनुभव साझा किए।
सर्वम AI के को-फाउंडर डॉ. प्रत्यूष कुमार ने प्रधानमंत्री की समझ की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने अपने निजी अनुभवों से तकनीकी विषयों को बेहद प्रेरणादायक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि भारत में विविधता के साथ एकता है और AI के जरिए इस विशेषता को प्रभावी ढंग से सामने लाया जा सकता है।
#WATCH | Leading innovators from AI startups met Prime Minister Narendra Modi and expressed their thoughts
They said," The insights from the PM's life were very inspiring for us…The PM's experience was very important to refine our thinking…We realised we don't have to only… pic.twitter.com/PpJ06X3Yhc
— ANI (@ANI) January 9, 2026
टेक महिंद्रा के CIO निखिल मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री AI के डिफ्यूजन और उसके व्यावहारिक उपयोग को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने उदाहरणों के जरिए यह स्पष्ट किया कि कैसे अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाकर बेहतर समाधान निकाले जा सकते हैं। निखिल ने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने जिम्मेदार और नैतिक AI विकास पर विशेष जोर दिया।
न्यूरॉड्स के CEO डॉ. सिद्धार्थ पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री का अनुभव उनकी सोच को रिफाइन करने में बेहद मददगार रहा। उन्होंने कहा कि भारत की जरूरतें पश्चिमी देशों से अलग हैं और भारत को उनकी नकल करने के बजाय देश की ज़मीनी समस्याओं के समाधान पर केंद्रित AI विकसित करना चाहिए।
शोध AI के CEO डॉ. अरस्तू शर्मा ने कहा कि दस साल पहले यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि देश में डीपटेक जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा, लेकिन आज यह संभव हो पाया है। वहीं, जेनलूप के CEO आयुष गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत के लिए ऑथेंटिक और एथिकल AI विकसित करने के स्पष्ट सूत्र दिए, जिससे विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
ज्ञानी AI के को-फाउंडर गणेश गोपालन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को AI की गहरी समझ है और वह भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक लीडर बनते देखना चाहते हैं। उनका विजन है कि भारत अपने स्वदेशी डेटा और मॉडल तैयार करे और AI को देश की हर भाषा में लोगों तक पहुंचाया जाए।
फ्रैक्टल AI के सह-संस्थापक श्रीकांत वेलमाकन्नी ने भी कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि भारत AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करे। बैठक में अवतार, भारत जेन, फ्रैक्टल, GAN, जेनलूप, ज्ञानी, इंटेली हेल्थ, सर्वम, सॉकेट AI, टेक महिंद्रा और जेंटिक जैसे स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि शामिल थे।
इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, इन सभी स्टार्टअप्स ने AI for All: Global Impact Challenge के लिए क्वालिफाई किया है।
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