प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (10 जनवरी 2026) से सोमवार (12 जनवरी 2026) तक तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसमें भारत की आस्था, सांस्कृतिक चेतना, विकास की दृष्टि और वैश्विक कूटनीति—all-in-one—दिखाई देती है। सोमनाथ की पावन भूमि से लेकर वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन, अहमदाबाद मेट्रो विस्तार और जर्मनी के चांसलर के साथ रणनीतिक संवाद तक, यह दौरा गुजरात को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित करता है।
प्रधानमंत्री शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचेंगे, जहां वे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद रात करीब 8 बजे मंदिर परिसर में आयोजित ओंकार मंत्र के जाप में भाग लेंगे और विशेष ड्रोन शो देखेंगे। यह आध्यात्मिक आयोजन आस्था और आधुनिक तकनीक के सुंदर समन्वय का प्रतीक होगा।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी आध्यात्मिक परंपरा का एक सशक्त प्रतीक है, जिसे देशभर में पूरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कल रात करीब 8 बजे सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र के दिव्य जाप का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिलेगा। इसके अगले दिन सुबह लगभग 9:45 बजे…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2026
रविवार सुबह प्रधानमंत्री ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल होंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृति में निकाली जाती है। इसके बाद वे मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। यह पर्व महमूद गजनी के आक्रमण के 1,000 वर्ष और स्वतंत्रता के बाद 1951 में हुए मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। देशभर से आए सैकड़ों संतों की उपस्थिति में मंदिर परिसर में लगातार 72 घंटे तक ‘ओंकार’ मंत्र का जाप होगा, जो सोमनाथ को राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अमर प्रतीक के रूप में रेखांकित करता है। यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर की भव्यता को दर्शाता एक भावनात्मक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें गायक हंसराज रघुवंशी का भक्ति गीत शामिल है।
सोमनाथ कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री राजकोट रवाना होंगे। रविवार को वे कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। दोपहर में व्यापार शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा, जबकि मारवाड़ी विश्वविद्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री निवेशकों और उद्यमियों को संबोधित करेंगे। 11 से 12 जनवरी तक चलने वाला यह सम्मेलन पश्चिमी गुजरात के 12 जिलों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देना है।
भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से निरंतर प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे। pic.twitter.com/XounUARIFb
— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2026
इस सम्मेलन में सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स, मत्स्यपालन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, हरित ऊर्जा, कौशल विकास, स्टार्ट-अप, एमएसएमई, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन जैसे देश इस सम्मेलन के भागीदार होंगे, जिससे गुजरात की वैश्विक औद्योगिक भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के आमंत्रण पर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 और 13 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। सोमवार को अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर की मुलाकात होगी। दोनों नेता सुबह साबरमती आश्रम जाएंगे और इसके बाद साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है।
इसके बाद गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में भारत-जर्मनी उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी। इन बैठकों में दोनों देशों की 25 वर्षों पुरानी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी और व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और हरित एवं सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह गुजरात दौरा अतीत की गौरवशाली विरासत, वर्तमान के विकास प्रयासों और भविष्य की वैश्विक साझेदारियों को एक सूत्र में पिरोता हुआ दिखाई देता है—जहां आस्था, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति एक साथ आगे बढ़ती नजर आती हैं।
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