गुजरात के तापी जिले के सोनगढ़ तालुका के नाना बंदरपाड़ा गांव में एक गंभीर धार्मिक विवाद सामने आया है, जहां हिंदू समुदाय द्वारा सदियों से पूजित एक प्राचीन मंदिर को कथित रूप से तोड़कर उसकी जगह मरियम माता नामक एक ईसाई पूजा स्थल बना दिया गया। स्थानीय हिंदुओं का आरोप है कि यह मंदिर ‘गिद्धमाड़ी आया डूंगर माताजी’ का था, जो एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित था, और वर्षों से वहां पूजा होती आ रही थी। हालांकि, क्षेत्र में ईसाई आबादी के तेजी से बढ़ने के चलते मंदिर की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही घटती गई, और इसी दौरान मंदिर तोड़कर वहां एक चर्च का निर्माण कर दिया गया।

घटना 2 अक्टूबर 2022 की है, जब नवरात्रि के अवसर पर कुछ हिंदू वहां पूजा करने पहुंचे, लेकिन स्थानीय ईसाइयों ने उन्हें रोक दिया और झड़प की स्थिति बन गई। हिंदू नेताओं ने बताया कि पूजा करने आए पुजारी को थप्पड़ मारे गए, और हाथों में लाठियां और पत्थर लिए ईसाई भीड़ ने उन्हें धमकाया। भगवान को भोग लगाने के लिए लाई गई थाली को भी नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव की आबादी का लगभग 98% हिस्सा अब ईसाई बन चुका है, और हिंदू समुदाय यहां अल्पसंख्यक में आ गया है, जिससे उनकी आवाज दब जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2019 में ग्राम पंचायत द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पारित प्रस्ताव के नाम पर सरकारी अनुदान लेकर उसका दुरुपयोग करते हुए वहां चर्च का निर्माण कर दिया गया। मंदिर के अवशेष अब भी मौके पर मिले हैं।

इस घटना के बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय नेताओं ने मंदिर के पुनर्निर्माण और मूर्ति की पुनः स्थापना की मांग की है। वे जल्द ही इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं और अपना आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। यह मामला क्षेत्र में धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों के अधिकार को लेकर गहराते तनाव को उजागर करता है।