नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम (इंद्रप्रस्थ) में 13 से 15 दिसंबर के बीच आयोजित हो रहे ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के काल के 250 से अधिक दुर्लभ और ऐतिहासिक शस्त्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है। ये सभी शस्त्र महाराष्ट्र से विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत राजधानी में लाए जा रहे हैं। दिल्ली में इस प्रकार का ऐतिहासिक शस्त्र-प्रदर्शन देखने को मिलेगा। यह भव्य प्रदर्शनी ‘सेव कल्चर, सेव भारत फाउंडेशन’ द्वारा प्रस्तुत तथा सनातन संस्था द्वारा आयोजित शंखनाद महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। इसी माध्यम से दिल्ली से देशभर में शौर्य का शंखनाद होगा, ऐसी जानकारी सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने दी।
सनातन संस्था के रजत महोत्सवी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस महोत्सव में ‘स्वराज्य का शौर्यनाद’ नामक तीन दिवसीय विशाल प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जो हॉल नंबर 12 में सर्वसामान्य के लिए खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा उपयोग किए गए कई शस्त्र प्रत्यक्ष देखने को मिलेंगे। साथ ही मराठा साम्राज्य के सेनानायकों के भी अनेक शस्त्र प्रदर्शित होंगे, जिनमें सरसेनापति हंबीरराव मोहिते का भाला विशेष आकर्षण रहेगा।
प्रदर्शनी में महाराणा प्रताप के काल के शस्त्र, कर्नाटक के विजयनगर साम्राज्य की तलवारें, शिवकालीन युद्धपरंपराएँ, धातुशास्त्र, ‘लोहे से शस्त्र’ इस अवधारणा पर आधारित मराठा शस्त्रनिर्माण प्रक्रिया तथा मराठा सामरिक बुद्धिमत्ता के दर्शन का समावेश रहेगा। इसके साथ ही आत्मरक्षा हेतु उपयोग किए गए हिंदू महिलाओं के शस्त्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे उस काल की हिंदू स्त्रियों की वीरता और रणकौशल का चित्र साकार होगा। यह केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि हिंदवी स्वराज्य के तेज से प्रेरित ‘सनातन राष्ट्र’ के नवोदय का एक आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक अनुभव होगा।
इस महोत्सव में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष पू. स्वामी गोविंददेवगिरी महाराज सहित अनेक संत-महंत उपस्थित रहकर मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, दिल्ली के संस्कृति मंत्री श्री कपिल मिश्रा, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज सांसद श्रीमंत उदयनराजे भोसले, अधिवक्ता विष्णु जैन सहित अनेक मान्यवर उपस्थित रहेंगे।
‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ राष्ट्ररक्षा, संस्कृति, शौर्य और हिंदवी स्वराज्य की गौरवशाली परंपरा के पुनरुद्धार का प्रतीक है। आज के सुरक्षा चुनौतियों के युग में शिवकालीन शस्त्र, युद्धकला और राष्ट्रधर्म की स्मृति युवाओं को नवचेतना प्रदान करेगी। महोत्सव में भाग लेने हेतु www.SanatanRashtraShankhnad.in वेबसाइट पर पंजीकरण करने का आवाहन श्री अभय वर्तक ने किया है।
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