पाकिस्तान में एक हाई-प्रोफाइल इफ्तार बैठक के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और शिया मौलवियों के बीच हुई बातचीत ने तनाव बढ़ा दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान आर्मी चीफ ने कथित तौर पर कहा कि अगर शिया समुदाय को ईरान से इतना लगाव है, तो वे वहां चले जाएं। इस टिप्पणी को शिया समुदाय ने अपमानजनक बताया है और इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बैठक में एक दर्जन से अधिक शिया उलेमा शामिल हुए थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान माहौल संतुलित नहीं रहा और मौलवियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।
शिया नेताओं की प्रतिक्रिया
शिया धर्मगुरु अल्लामा आगा शिफा नजफी ने इस्लामाबाद में कहा कि बैठक के दौरान आर्मी चीफ का रवैया सख्त और आपत्तिजनक था। उन्होंने आरोप लगाया कि शिया समुदाय को लेकर की गई टिप्पणियों से उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
The Field Marshal spoke for an entire hour by himself, did not listen to us, his tone was so harsh that we felt insulted. He spoke about certain things so trivial that they do not befit a person holding such a high office. Maulana Hasnain Abbas Gardizi pic.twitter.com/NqyS4IFWtW
— Major Sammer Pal Toorr (Infantry Combat Veteran) (@samartoor3086) March 20, 2026
नजफी के अनुसार, बातचीत के दौरान अली खामेनेई की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों पर भी नाराजगी जताई गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद हस्तक्षेप करते हुए सेना में शिया अधिकारियों के योगदान का जिक्र किया, जिसके बाद कुछ समय के लिए माहौल शांत हुआ।
हालांकि, आरोप है कि इसके बाद भी आर्मी चीफ ने वही टिप्पणी दोहराई, जिससे विवाद और गहरा गया।
बढ़ता सांप्रदायिक तनाव
शिया मौलवी सैयद जवाद नकवी ने इस घटनाक्रम की तुलना जिया-उल-हक के दौर से की। उनका कहना है कि देश में एक खास विचारधारा थोपने की कोशिश हो रही है और देशभक्ति की परिभाषा को सीमित किया जा रहा है।
"Im told, if you love Iran so much, why dont you go to Iran..Let me tell you Jinnah was a Shia", top Pakistan Shia leader Md Shifa Najafi say amid the West Asia war.
Also talk about his meeting with Pakistan's military leader Munir.
Vdo Ctsy: His you tube channel pic.twitter.com/D77dZQNDTr
— Sidhant Sibal (@sidhant) March 20, 2026
अल्पसंख्यकों की स्थिति पर रिपोर्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में शिया, अहमदिया, हजारा और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। एथेंस स्थित संस्था Directus की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये समुदाय सांप्रदायिक हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में 36 लोगों की मौत और करीब 170 लोग घायल हुए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर कानूनी सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कमी के चलते ऐसे हमले बढ़ रहे हैं।
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