मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। इस संकट के बीच भारत ने तेल और गैस आयात के लिए नए वैकल्पिक मार्गों और देशों की तलाश शुरू कर दी है।
खासतौर पर Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के बाद भारत अब ऑस्ट्रेलिया, रूस, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से ऊर्जा आयात बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।
खाड़ी देशों से आता था बड़ा हिस्सा
भारत लंबे समय से Saudi Arabia, Qatar और United Arab Emirates जैसे खाड़ी देशों से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदता रहा है। इन देशों से आने वाला अधिकांश तेल और गैस Strait of Hormuz के रास्ते भारत पहुंचता था।
लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग से आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके बाद भारत ने वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख किया है।
रूस बना सबसे बड़ा विकल्प
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संकट के बीच Russia भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा वैकल्पिक स्रोत बनकर उभरा है।
मार्च के पहले 11 दिनों में रूस से भारत का तेल आयात लगभग 50% बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जबकि फरवरी में यह करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन था।
हालांकि रूस अब पहले की तरह छूट नहीं दे रहा है, फिर भी भारतीय कंपनियों ने बड़े सौदे किए हैं।
Indian Oil Corporation और Reliance Industries जैसी कंपनियों ने करीब 3 करोड़ बैरल रूसी तेल खरीदने के समझौते किए हैं।
अमेरिका से भी बढ़ी खरीद
भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने के लिए United States से भी तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है।
GAIL (India) Limited ने अमेरिका से एलएनजी (LNG) के बड़े सौदे किए हैं ताकि घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।
नए देशों से भी हो रही खरीद
भारत ने पहली बार सीधे Guyana से कच्चे तेल की खरीद शुरू की है।
Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने वहां से करीब 40 लाख बैरल तेल मंगवाया है।
इसके अलावा भारत Nigeria और Angola जैसे पश्चिमी अफ्रीकी देशों से भी अतिरिक्त तेल आयात कर रहा है।
गैस की कमी पूरी करने की कोशिश
प्राकृतिक गैस आपूर्ति में करीब 25% की कमी को देखते हुए भारत ने Algeria, Norway और Canada से एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति के लिए संपर्क साधा है।
दो बड़े एलएनजी कार्गो फिलहाल भारत के रास्ते में हैं।
भारत की ऊर्जा जरूरतें
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है। देश अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है।
भारत में रोजाना करीब 5.8 मिलियन बैरल तेल की खपत होती है।
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25–27 लाख बैरल तेल खाड़ी देशों से आता है
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लगभग 55% LPG विदेशों से आयात होता है
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करीब 30% LNG भी आयात किया जाता है
इस गैस का इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उर्वरक उद्योग, सीएनजी और घरेलू रसोई गैस के रूप में किया जाता है।
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