प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस समागम में शामिल हुए। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, त्याग और उनके आध्यात्मिक जीवन को स्मरण करते हुए राष्ट्र को उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया, जिसे इस अवसर का प्रतीक बताया गया।
#WATCH | Kurukshetra, Haryana | Prime Minister Narendra Modi and Haryana CM Nayab Singh Saini release a special Coin and Commemorative stamp marking the 350th Shaheedi Diwas of Sri Guru Tegh Bahadur Ji, the revered ninth Sikh Guru.
(Source: DD News) pic.twitter.com/gok6E9rz8J
— ANI (@ANI) November 25, 2025
“गुरु तेग बहादुर ने मुगल आतंक के समय दिया साहस का सर्वोत्तम उदाहरण”
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने उस दौर में साहस और निडरता का सर्वोच्च उदाहरण स्थापित किया जब मुगल शासन के दौरान अत्याचार और जबरन धर्मांतरण चरम पर था। उन्होंने कहा—
“जब कश्मीरी हिंदुओं का जबरन धर्मांतरण किया जा रहा था, तब पीड़ित लोग गुरु साहब के पास सहायता मांगने पहुंचे। गुरुजी ने बिना भय और संकोच के कहा — ‘औरंगजेब से कह दो, यदि गुरु तेग बहादुर इस्लाम स्वीकार कर लें, तो हम भी धर्म परिवर्तन कर लेंगे।’ इन शब्दों में उनकी अदम्य साहस और आत्मबल झलकता है।”
कुरुक्षेत्र की धरती से मिला धर्म और न्याय का संदेश
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि यही कुरुक्षेत्र की भूमि है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग का संदेश दिया था और गुरु परंपरा ने भी उसी भावना को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास में कुरुक्षेत्र का विशेष स्थान रहा है और लगभग सभी गुरु यहां आकर धर्मध्वजा फहराते रहे।
#WATCH | Kurukshetra, Haryana | PM Modi says, "Today, when the Dharma Dhwaja has been hoisted in Ayodhya, I have the opportunity to seek blessings from the Sikh community. Just a short while ago, the Panchjanya Memorial was also inaugurated on the land of Kurukshetra. Standing on… pic.twitter.com/jn62pK0AJC
— ANI (@ANI) November 25, 2025
“वीर साहिबजादों ने दीवार में चुना जाना स्वीकार किया, लेकिन धर्म नहीं छोड़ा”
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु तेग बहादुर जी और उनके परिवार द्वारा दिए गए बलिदानों का उल्लेख करते हुए कहा—
“इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व विरले होते हैं। गुरुजी का जीवन हमारे लिए प्रेरणा है। वीर साहिबजादों ने दीवार में चुने जाने का कष्ट सहा, लेकिन अपने कर्तव्य, धर्म और मर्यादा का मार्ग नहीं छोड़ा।”
प्रधानमंत्री ने इस त्याग को भारत की आध्यात्मिक शक्ति और संस्कृति का सर्वोच्च प्रमाण बताया।
#WATCH | Kurukshetra, Haryana | Speaking at the 350th Shaheedi Diwas of Sri Guru Tegh Bahadur Ji, Prime Minister Narendra Modi says, "… The cruel Aurangzeb ordered Guru Tegh Bahadur's imprisonment. However, Guru Tegh Bahadur himself announced his intention to go to Delhi.… https://t.co/032Rctwwzu pic.twitter.com/yQTcUVBzo6
— ANI (@ANI) November 25, 2025
“गुरुओं की विरासत को संरक्षित और समृद्ध करना हमारा कर्तव्य” — प्रधानमंत्री
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सरकार सिख इतिहास और गुरुओं की विरासत को आधुनिक भारत की पहचान से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा—
✔ करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण
✔ हेमकुंड साहिब रोपवे प्रोजेक्ट
✔ आनंदपुर साहिब में विरासत-ए-खालसा संग्रहालय का विस्तार
इन सभी परियोजनाएँ गुरु परंपरा के सम्मान और संरक्षण की दिशा में किए गए संकल्पों का हिस्सा हैं।
अंत में प्रधानमंत्री का संदेश
समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“भारत न डरता है और न रुकता है। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत हमें अदम्य साहस, कर्तव्य और धर्म की सीख देती है। हमें उनके आदर्शों के अनुसार आगे बढ़ते हुए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना है।”
#WATCH | Kurukshetra, Haryana | Speaking at the 350th Shaheedi Diwas of Sri Guru Tegh Bahadur Ji, Prime Minister Narendra Modi says, "… I also want to discuss an issue concerning the youth of our society, an issue that Guru Sahib also expressed concern about. This issue is… pic.twitter.com/CUJUQD4vTi
— ANI (@ANI) November 25, 2025
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