10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन पर हुए ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ा सुराग हाथ लगा है। जाँच के दौरान जम्मू-कश्मीर के रहने वाले डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनई को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। मुजम्मिल ने बताया कि इस आतंकवादी हमले की पूरी साजिश जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े डॉक्टर उमर नबी मोहम्मद उर्फ़ ‘उमर’ ने रची थी। उमर खुद को संगठन का सर्वोच्च प्रमुख मानते हुए ‘आमीर’ कहलाना पसंद करता था।
कई भाषाओं में दक्ष और चरमपंथी विचारों का प्रसार
NIA जांच में सामने आया है कि उमर न सिर्फ़ बेहद शिक्षित था, बल्कि उसे हिंदी, उर्दू, अरबी, फ़ारसी, फ़्रेंच और चीनी (मंदारिन) समेत कम से कम नौ भाषाएँ पूरी महारत से आती थीं। वह अपने आप को सबसे अधिक काबिल मानते हुए आतंकवादियों के बीच वैचारिक नेता की भूमिका निभाता था।
रिपोर्ट के अनुसार, उमर ने आतंकी गतिविधियों के समन्वय के लिए चीनी भाषा में एक खास चैट ग्रुप बनाया हुआ था ताकि सुरक्षा एजेंसियाँ आसानी से बातचीत तक न पहुँच सकें। उसकी भाषायी कुशलता और प्रभावशाली व्यक्तित्व के चलते कई युवा उसके जाल में फँसते चले गए।
IED बनाने में नेल पॉलिश रिमूवर और पिसी चीनी का उपयोग
पूछताछ में यह भी सामने आया कि दिल्ली विस्फोट के लिए इस्तेमाल किए गए IED (Improvised Explosive Device) को रोज़मर्रा की चीज़ों से तैयार किया गया था। जाँच एजेंसियों को पता चला है कि विस्फोटक बनाने के लिए नेल पॉलिश रिमूवर और पिसी हुई चीनी का इस्तेमाल किया गया था — यह तरीका आतंकी संगठनों की उस नई रणनीति की ओर भी इशारा करता है जिसमें आसानी से उपलब्ध चीज़ों से घातक उपकरण तैयार किए जा रहे हैं।
नूहँ हिंसा और भिवानी हत्या से मिला ‘जिहादी’ नैरेटिव
मुजम्मिल के अनुसार, उमर लगातार भारत में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने की कोशिशों में जुटा था।
NIA के मुताबिक उमर को इस साजिश को आगे बढ़ाने की प्रेरणा जुलाई 2023 के नूहँ दंगों और मार्च 2023 के भिवानी हत्याकांड से मिली थी।
वह अपने साथियों से कहा करता था—
“देश में माहौल बिगड़ चुका है… बड़ा नरसंहार हो सकता है… हमें तैयार रहना चाहिए।”
यह सोच उसके आतंकी हमले के इरादों का सीधा प्रमाण है।
निकाह और आतंकी मॉड्यूल के लिए फंडिंग का खेल भी उजागर
जाँच में यह खुलासा भी हुआ है कि मुजम्मिल गनई की शादी आतंकी मॉड्यूल की सदस्य डॉक्टर शाहीना से हुई थी। दोनों की मुलाकात अल-फलाह यूनिवर्सिटी में हुई और 2023 में दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी। शाहीना पहले ही दो निकाह कर चुकी थी जबकि मुजम्मिल उसका तीसरा पति है।
डॉक्टर शाहीना पहले सऊदी अरब में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी है और आर्थिक रूप से मजबूत होने के कारण उसने आतंकी गतिविधियों के लिए करीब 25 लाख रुपये अपने बैंक खाते से मुहैया कराए।
आतंक के नेटवर्क की नई कड़ी बेनक़ाब
NIA का मानना है कि दिल्ली धमाका भारत में बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने की शुरुआत भर था।
जाँच से यह भी स्पष्ट होता है कि—
✔ आतंकी संगठन ऊँची शिक्षा प्राप्त युवाओं को निशाना बना रहे हैं
✔ सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट बड़ी चुनौती बने हुए हैं
✔ आतंकी फंडिंग का स्रोत विदेश और धार्मिक कट्टरपन का गठजोड़ है
ऐसा माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल के अन्य सदस्य भी अब एजेंसियों के रडार पर हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
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