प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना के साथ हुई व्यापक वार्ता के बाद कहा कि भारत मंगोलिया के विकास में एक “दृढ़ और विश्वसनीय साझेदार” रहा है। राष्ट्रपति उखना सोमवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे, जो उनके राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। दोनों नेताओं के बीच इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, ऊर्जा, व्यापार, सांस्कृतिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-मंगोलिया संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि उनमें एक गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव भी है। उन्होंने कहा, “भारत और मंगोलिया सदियों से बौद्ध धर्म के सिद्धांतों से बंधे हुए हैं, यही कारण है कि हमें आध्यात्मिक सहोदर कहा जाता है।” इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत मंगोलिया के नागरिकों को मुफ्त ई-वीजा सुविधा प्रदान करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
Addressing the joint press meet with President Khurelsukh Ukhnaa of Mongolia.@UKhurelsukh https://t.co/tbRBLd2JfZ
— Narendra Modi (@narendramodi) October 14, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत मंगोलिया के विकास सफर में एक भरोसेमंद साथी बना रहेगा। उन्होंने बताया कि भारत की 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की ऋण सहायता से मंगोलिया में जो तेल रिफाइनरी परियोजना विकसित हो रही है, वह देश की ऊर्जा सुरक्षा को नई दिशा देगी और उसके आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों की साझेदारी रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, खनन, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में फैली हुई है। भारत ने समय-समय पर मंगोलिया को बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में भी मदद की है। इस बैठक ने एक बार फिर साबित किया कि भारत और मंगोलिया का रिश्ता परस्पर सम्मान, साझा विरासत और सतत विकास की भावना पर आधारित है।
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