सीजफायर और शांति वार्ता के बावजूद अमेरिका ने एक बार फिर Iran में सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइट्स और नौसैनिक गतिविधियों को निशाना बनाया।
यह कार्रवाई United States Central Command (CENTCOM) द्वारा की गई, जिसे ‘सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक’ बताया गया है।
क्या है पूरा मामला?
CENTCOM के अनुसार, यह हमला तब किया गया जब:
- होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC की नावें बारूदी सुरंगें बिछाते पकड़ी गईं
- अमेरिकी बलों के लिए खतरा बढ़ गया
इसके बाद अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के रणनीतिक इलाकों में सीमित सैन्य कार्रवाई की।
🚨 JUST IN: Iran was STRUCK by the US after the IRGC got caught laying MINES in the Strait of Hormuz
The strikes took place in Bandar Abbas, home to a key Iranian base
Missile launch sites were also blasted to smithereens.
Fox is reporting this is NOT an end of the ceasefire,… https://t.co/8b8QTXc7Qk pic.twitter.com/X1OfJk87Zs
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) May 25, 2026
किन जगहों को बनाया गया निशाना?
हमले में जिन प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:
- Strait of Hormuz — वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग
- Bandar Abbas — ईरान का प्रमुख नौसैनिक और सैन्य अड्डा
इन इलाकों में:
- मिसाइल लॉन्च साइट्स को तबाह किया गया
- माइंस बिछाने वाली IRGC नावों को निशाना बनाया गया
अमेरिका का बयान
CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा:
“यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा के तहत की गई है, ताकि हमारे सैनिकों को ईरानी खतरों से बचाया जा सके।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि:
- यह सीमित स्ट्राइक है
- इससे सीजफायर पर कोई असर नहीं पड़ेगा
- इसे युद्ध बढ़ने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए
पहले भी हो चुके हैं हमले
गौरतलब है कि मई की शुरुआत में भी अमेरिकी सेना ने:
- IRGC के ठिकानों पर हमला किया था
- ड्रोन, मिसाइल और छोटी नावों को निशाना बनाया था
तब भी अमेरिका ने इसे ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया था।
बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ वैश्विक चिंता का विषय हैं, क्योंकि:
- यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है
- किसी भी संघर्ष से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है
आगे क्या?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच यह देखना अहम होगा कि:
- क्या शांति वार्ता आगे बढ़ती है
- या क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ता है
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel