प्रधानमंत्री Narendra Modi के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को जल्द ही एक और वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। यह विशाल शिवलिंग एक भव्य शिव थीम अर्बन पार्क का मुख्य आकर्षण होगा, जिसे लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना वाराणसी के भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की लगभग 20 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। अगले 8 से 9 महीनों में इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
130 फीट ऊंचे शिवलिंग की योजना
वाराणसी नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 130 फीट होगी, जो इसे दुनिया के सबसे ऊंचे मानव निर्मित शिवलिंगों में शामिल करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इसे और अधिक ऊंचा बनाने की संभावनाओं पर भी तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है। फिलहाल 130 फीट ऊंचे शिवलिंग की योजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिव थीम पर विकसित होगा पूरा पार्क
पूरे 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह अर्बन पार्क “शिव तत्व” की अवधारणा पर आधारित होगा। पार्क का डिजाइन ऐसा होगा कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव मिल सके।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी सुविधाओं का समन्वय भी है।
लेजर शो, वॉकिंग ट्रैक और हाईटेक सुविधाएं
पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
- शिवलिंग पर आकर्षक लेजर शो
- शिवलिंग के चारों ओर विशेष वॉकिंग ट्रैक
- हाईटेक किड्स प्ले ज़ोन
- ओपन आर्ट गैलरी
- फूड कोर्ट और फूड प्लाजा
- विशाल पार्किंग क्षेत्र
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइब्रेरी
- हरित क्षेत्र और ऑक्सीजन देने वाले पौधों का विशेष रोपण
बनेगा प्लैनेटोरियम और डिजिटल म्यूजियम
परियोजना के तहत एक आधुनिक प्लैनेटोरियम भी विकसित किया जाएगा, जहां बच्चों और युवाओं को खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष और ब्रह्मांड से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा एक डिजिटल म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें काशी की प्राचीन विरासत, ऐतिहासिक मंदिरों, सांस्कृतिक धरोहरों और पौराणिक कथाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
पद्म पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों को भी मिलेगी जगह
पार्क में वाराणसी और पूर्वांचल से जुड़े पद्म पुरस्कार सम्मानित व्यक्तित्वों और अन्य प्रमुख विभूतियों की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इससे यह परिसर केवल धार्मिक या पर्यटन स्थल नहीं बल्कि प्रेरणा, शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता का केंद्र भी बनेगा।
वर्तमान रिकॉर्ड से होगा कहीं बड़ा
वर्तमान में केरल के चेंगल में स्थित महालिंगम लगभग 111 फीट ऊंचा माना जाता है। वहीं बिहार के पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में प्रस्तावित अखंड शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 33 फीट बताई जाती है।
ऐसे में वाराणसी में बनने वाला 130 फीट ऊंचा शिवलिंग इन सभी संरचनाओं से बड़ा और अधिक आकर्षक माना जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना वाराणसी को वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत बनाएगी। काशी पहले से ही देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है।
दुनिया के सबसे ऊंचे शिवलिंग और आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह शिव थीम पार्क भविष्य में वाराणसी की नई पहचान बन सकता है।
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