झारखंड में JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में देशभर में चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि वह 1,200 से अधिक यूनिवर्सिटी और देश के सभी जिलों में प्रदर्शन करेगा।
झारखंड में हजारों छात्र ‘JPSC-JSSC सुधार मंच’ के बैनर तले भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में रांची में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव भी देखने को मिला।
ABVP ने किया देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने रांची में कहा कि झारखंड के छात्रों की मांगों को लेकर संगठन अब आंदोलन को पूरे देश में ले जाएगा। उन्होंने कहा कि 1,200 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के साथ-साथ हर जिले में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
सोलंकी ने झारखंड सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
ABVP का कहना है कि अगर राज्य सरकार CBI जांच की घोषणा नहीं करती है तो संगठन अपना आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में आगे बढ़ाएगा।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग
ABVP ने JSSC-CGL परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे सवालों का हवाला देते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। छात्र संगठनों और आंदोलनकारियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
हाल में रांची में प्रदर्शन कर रहे नौकरी अभ्यर्थियों ने भी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे भर्ती विवाद की CBI जांच की मांग उठाई थी। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
SIT पर भी ABVP ने उठाए सवाल
ABVP ने राज्य सरकार द्वारा गठित SIT की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि जांच टीम में बार-बार बदलाव होने से छात्रों के बीच जांच प्रक्रिया को लेकर भरोसा कमजोर हुआ है।
सोलंकी के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में CBI जांच ही छात्रों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाने का बेहतर रास्ता हो सकती है। हालांकि CBI जांच की मांग और SIT की विश्वसनीयता पर सवाल ABVP और आंदोलनकारी पक्ष के आरोप व मांगें हैं।
पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला
ABVP ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की है। संगठन का आरोप है कि लाठीचार्ज, हिरासत और आंदोलनकारियों को रांची पहुंचने से रोकने जैसी कार्रवाइयों के जरिए विरोध को दबाने की कोशिश की गई।
10 अगस्त को रांची में हजारों नौकरी अभ्यर्थियों के विधानसभा की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने लाठी, आंसू गैस और अन्य उपायों का इस्तेमाल किया था। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार किए थे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ।
विधानसभा मार्च में 110 ABVP कार्यकर्ता हिरासत में
इसके एक दिन बाद, 11 अगस्त 2026 को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे करीब 110 ABVP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि उन्हें हिरासत में लिया गया था, गिरफ्तार नहीं किया गया। मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ।
ABVP कार्यकर्ता छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे।
झारखंड सरकार पर बढ़ता दबाव
लगातार जारी छात्र आंदोलन और अब ABVP के देशव्यापी प्रदर्शन के ऐलान के बाद झारखंड सरकार पर भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर दबाव बढ़ गया है। विपक्षी नेताओं ने भी CBI जांच की मांग तेज की है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने 12 अगस्त को आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात के बाद सरकार से एक सप्ताह के भीतर CBI जांच की सिफारिश करने की मांग की थी।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि हेमंत सोरेन सरकार भर्ती परीक्षा विवाद और CBI जांच की मांग पर क्या कदम उठाती है तथा ABVP का प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन किस स्तर तक विस्तार लेता है।
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