उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गर्मी की छुट्टियों को लेकर बच्चों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखी है। इस भावनात्मक संदेश में उन्होंने बच्चों, किशोरों और अभिभावकों से अपील की है कि ग्रीष्मावकाश को केवल आराम का समय न मानें, बल्कि इसे सीखने, परिवार के साथ समय बिताने और जीवन के अनुभव हासिल करने का अवसर बनाएं।
सीएम योगी ने अपने संदेश की शुरुआत “मेरे प्यारे बच्चों” संबोधन से करते हुए कहा कि गर्मी की छुट्टियाँ आनंद और नए अनुभवों का समय होती हैं। उन्होंने बच्चों को नई भाषा सीखने, कौशल विकसित करने और किताबें पढ़ने जैसी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी, चित्रकला, पाक कला और बागवानी जैसी गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। छुट्टियों को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए इसे मानसिक और रचनात्मक विकास का माध्यम बनाने पर जोर दिया गया।
मेरे प्यारे बच्चों,
गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं।
प्रिय अभिभावकों, मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ… pic.twitter.com/vaBmTy1112
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 25, 2026
परिवार और संस्कार पर जोर
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को ननिहाल और ददिहाल लेकर जाएँ, ताकि वे पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को समझ सकें। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी दादा-दादी और नाना-नानी के अनुभवों से दूर होती जा रही है, जिसे फिर से जोड़ने की जरूरत है।
प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ने की सलाह
सीएम योगी ने बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों के साथ पौधे लगाएँ और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हें दें। साथ ही स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करने की सलाह दी।
पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रकृति के करीब जाने के लिए Dudhwa National Park, Katarniaghat Wildlife Sanctuary और चूका बीच जैसे स्थानों की यात्रा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थल जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को समझने का अवसर देते हैं।
प्लास्टिक मुक्त छुट्टियों का संदेश
अपने संदेश में सीएम योगी ने प्लास्टिक मुक्त छुट्टियाँ मनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पिकनिक और यात्रा के दौरान जूट या कपड़े के बैग का उपयोग करें और प्लास्टिक कचरा न फैलाएँ।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े बदलाव की नींव रखते हैं और बच्चों को स्वस्थ, स्वच्छ और जागरूक जीवनशैली अपनानी चाहिए।
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