मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में पंजीयन विभाग के साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य डिजिटल गवर्नेंस के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
75 से अधिक सेवाओं के लिए साइबर पंजीयन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने 75 से अधिक सेवाओं के लिए साइबर पंजीयन शुरू किया है। इनमें लोन, मुख्तियारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर ऑफ अटॉर्नी और पार्टनरशिप डीड जैसी प्रमुख सेवाएँ शामिल हैं।
'संकल्प से सिद्धि' की ओर मध्यप्रदेश
विकास, जवाबदेही, पारदर्शिता, तत्परता और नवाचार के साथ प्रदेश डिजिटल युग में नई पहचान बना रहा है। अब पंजीयन से जुड़ी सभी सेवाएं साइबर पंजीयन के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। तेज, सरल और पारदर्शी सेवाओं के साथ नागरिकों को बेहतर अनुभव… pic.twitter.com/ajsbaVrL3f
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) February 16, 2026
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपील की कि साइबर पंजीयन सुविधा के जरिए वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए।
डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पारदर्शिता, नवाचार और जनकल्याण को प्राथमिकता दे रही है। संपदा 1.0 और संपदा 2.0 के बाद साइबर पंजीयन की शुरुआत तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में बड़ा कदम है।
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इस नई डिजिटल प्रक्रिया से पेपरलेस और कैशलेस सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
वीडियो-KYC और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे रजिस्ट्रेशन
सरकार ने बताया कि अब शासन और उसके उपक्रमों से जुड़े स्थानांतरण दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन से पूरे होंगे। हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण से जुड़े ट्रांसफर मामलों के लिए लोगों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। सभी प्रक्रियाएँ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वीडियो-KYC के जरिए पूरी की जाएँगी, जिससे नागरिकों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
14.95 लाख से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि राज्य में अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। साथ ही 55 जिलों में साइबर तहसील परियोजना लागू की गई है, जिससे राजस्व विभाजन और नामांतरण प्रक्रियाएँ भी ऑनलाइन संभव हो सकेंगी।
"सायबर पंजीयन कार्यालय से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को मिलेगा प्रोत्साहन"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पंजीयन भवन, भोपाल मे सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ@DrMohanYadav51 @commercial_mp #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/D4homm8iMm
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) February 16, 2026
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने दी जानकारी
उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि वर्ष 2024–25 में संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर लागू किया गया, जिससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज पूरी तरह डिजिटल रूप में पंजीकृत हो रहे हैं और कई सेवाओं के लिए नागरिकों को उप-पंजीयक कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
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