Maharashtra सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए एक नई सुविधा शुरू करने की घोषणा की है।
राज्य की डिप्टी सीएम Sunetra Pawar ने “कम अर्ली-गो अर्ली” स्कीम की घोषणा की, जिसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों को ऑफिस टाइम में लचीलापन देना है।
क्या है ‘कम अर्ली-गो अर्ली’ स्कीम?
इस योजना के तहत Mumbai Metropolitan Region की महिला सरकारी कर्मचारियों को सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच ऑफिस आने की सुविधा दी जाएगी।
यदि कोई महिला कर्मचारी तय समय से पहले ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करती है, तो उसे उतने ही मिनट शाम को पहले कार्यालय से निकलने की अनुमति दी जाएगी।
महिला ही समाजाला दिशा देणारी शक्ती आहे. तिच्या धैर्य, संयम, निर्धार आणि परिश्रमांमुळे घर, गाव आणि राष्ट्र उभे राहते. स्वतः सक्षम होत इतरांनाही प्रेरणा देणाऱ्या सर्व महिलांना जागतिक महिला दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!#जागतिक_महिला_दिन#InternationalWomensDay pic.twitter.com/CD6VZXxQSh
— Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) March 8, 2026
इस तरह महिला कर्मचारियों को लगभग 30 मिनट तक की राहत मिल सकती है।
भीड़भाड़ से मिलेगी राहत
सरकार का मानना है कि इस फैसले से महिलाओं को पीक ट्रैफिक और भीड़भाड़ के समय होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
यह फैसला International Women’s Day की पृष्ठभूमि में लिया गया है।
विधान परिषद में हुई चर्चा
Maharashtra Legislative Council में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े सुझाव दिए।
सुनेत्रा पवार ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक तरीके से विचार करेगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
डिप्टी सीएम ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक रूप से भी जरूरी है।
उन्होंने Savitribai Phule, Ahilyabai Holkar, Jijabai और Tarabai के कार्यों से प्रेरणा लेकर महिलाओं के लिए काम करने की बात कही।
सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं पर भी जानकारी
सुनेत्रा पवार ने बताया कि राज्य में Operation Muskaan के तहत जुलाई 2015 से फरवरी 2026 तक 42,594 बच्चों को खोजा गया है।
इसके अलावा 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को भी ढूंढा गया।
राज्य के सभी जिलों में मिसिंग सेल और 51 भरोसा सेल भी काम कर रहे हैं।
महिलाओं के लिए चल रही प्रमुख योजनाएं
राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें शामिल हैं:
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लाडकी बहिण योजना
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नमो महिला सशक्तिकरण योजना
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लेक लाडकी योजना
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अन्नपूर्णा योजना
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लखपति दीदी योजना
इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए उमेद मॉल, उमेद मार्ट और महालक्ष्मी सरस जैसे प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं।
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