पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूँ कबीर का बकरीद से पहले दिया गया बयान राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कुर्बानी की परंपरा को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक पुरानी धार्मिक परंपरा है, जो लंबे समय से चली आ रही है।
क्या कहा हुमायूँ कबीर ने?
हुमायूँ कबीर ने कहा कि कुर्बानी की परंपरा सदियों से जारी है और भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक मान्यताओं और संवैधानिक प्रावधानों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि बकरीद के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की जाएं, ताकि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: AJUP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने कहा, "…संविधान का सम्मान करना चाहिए लेकिन कुर्बानी होगी। गाय की भी होगी, बकरे की भी होगी और ऊंट की भी होगी। कुर्बानी के लिए जो पशु जायज़ हैं, उनकी कुर्बानी होंगी। बीजेपी सरकार को मैं चेतावनी देता हूं,… pic.twitter.com/XwDkJkpHdA
— One India News (@oneindianewscom) May 21, 2026
कानून और व्यवस्था पर जोर
कबीर के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में कानून और व्यवस्था बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रशासन की तैयारी
त्योहारों के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
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