नासिक में चर्चित TCS धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में मुख्य आरोपित निदा खान को कथित रूप से शरण देने के आरोप में अब्दुल मतीन पटेल, जो AIMIM के पार्षद हैं, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
नासिक पुलिस ने पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 249 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का आरोप है कि पार्षद ने फरार चल रही निदा खान को नारेगांव के कौसर पार्क इलाके में छिपने के लिए जगह उपलब्ध कराई थी।
जांच में राजनीतिक लिंक की आशंका
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि निदा खान को संरक्षण देने के पीछे क्या किसी बड़े राजनीतिक नेटवर्क की भूमिका है। फरार आरोपित पिछले 25 दिनों से पुलिस से बच रही थी और लगातार ठिकाने बदल रही थी।
इस बीच इस मामले में इम्तियाज जलील का नाम भी सामने आया है। हालांकि अभी तक उनकी किसी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
संजय शिरसाट ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा है कि जांच का दायरा बढ़ाकर इम्तियाज जलील से भी पूछताछ की जानी चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला फरवरी 2026 में सामने आया था। आरोप है कि TCS कंपनी में काम करने वाली निदा खान पर हिंदू कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और उन्हें धार्मिक गतिविधियों में शामिल करने का आरोप है।
पीड़ितों का दावा है कि उन्हें बुर्का पहनने, धार्मिक पुस्तकें पढ़ने और नमाज की ट्रेनिंग लेने के लिए मजबूर किया जाता था। इस मामले में अब तक कई आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं और जांच जारी है।
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