उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में बड़ा बदलाव करते हुए परमाणु हथियारों के उपयोग को लेकर नया प्रावधान जोड़ा है। इस बदलाव के तहत यदि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या हो जाती है या किसी विदेशी हमले में कमांड सिस्टम नष्ट हो जाता है, तो सेना स्वतः ही परमाणु जवाबी हमला कर सकेगी।
बिना आदेश परमाणु हमले की अनुमति
नए नियम के मुताबिक:
- सेना को परमाणु हथियार इस्तेमाल करने के लिए अलग आदेश की जरूरत नहीं होगी
- कमांड सिस्टम खत्म होने की स्थिति में ऑटोमैटिक न्यूक्लियर रेस्पॉन्स लागू होगा
- इसे अब आधिकारिक रूप से संविधान में शामिल कर दिया गया है
सुप्रीम पीपुल्स असेंबली में हुआ फैसला
यह अहम संशोधन 22 मार्च 2026 को प्योंगयांग में आयोजित सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के 15वें सत्र में पारित किया गया। अब इसे सार्वजनिक किया गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
वैश्विक घटनाओं का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम हालिया वैश्विक तनावों के बीच उठाया गया है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया
- ऐसे हमलों में शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से उत्तर कोरिया सतर्क हुआ है
दक्षिण कोरिया ने किया खुलासा
इस संवैधानिक बदलाव की जानकारी दक्षिण कोरिया की ओर से सामने आई है।
- पहले ऐसे आदेश मौखिक रूप से दिए जाते थे
- अब इसे औपचारिक रूप से कानून का हिस्सा बना दिया गया है
बढ़ सकती है वैश्विक चिंता
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस फैसले से:
- परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ सकता है
- गलतफहमी या तकनीकी त्रुटि के कारण भी बड़ा संकट पैदा हो सकता है
- अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संतुलन पर असर पड़ेगा
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel