भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार (29 मई 2025) को सीआईआई बिजनेस समिट में एक बेहद प्रेरक और स्पष्ट संदेश दिया, जिसमें उन्होंने भारत की रक्षा तैयारियों, आत्मनिर्भरता और भविष्य की रणनीतियों को लेकर बेबाकी से बात की। उनके संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर, रक्षा उद्योग में निजी भागीदारी, तकनीकी नवाचार और Whole of Nation अप्रोच जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे।
ऑपरेशन सिंदूर: बदलते युद्ध का प्रतीक
एयर चीफ मार्शल ने कहा:
“ऑपरेशन सिंदूर ने हमें यह स्पष्ट कर दिया कि युद्ध का स्वरूप बदल चुका है।”
उन्होंने भारतीय नौसेना प्रमुख के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन हमारे लिए एक चेतावनी और दिशा-निर्देशक रहा है। इसने हमें यह सोचने पर मजबूर किया कि हमें कैसे आगे बढ़ना है और क्या तैयारियां करनी हैं।
#WATCH | Delhi: Indian Air Force chief Air Chief Marshal Amar Preet Singh says, "This war was won by a whole-of-nation approach. The same approach needs to continue while talking about empowering the defence forces. We need to invest more in R&D (Research and Development). I… pic.twitter.com/IaZSWesMUO
— ANI (@ANI) May 29, 2025
सलमान खान के डायलॉग से उत्साह
एयर चीफ ने समिट के दौरान सलमान खान की फिल्म से एक प्रसिद्ध डायलॉग का उपयोग करते हुए कहा:
“एक बार जो कमिटमेंट कर दिया, तो फिर हम अपने आप की भी नहीं सुनते।”
यह डायलॉग उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि जब भारतीय वायुसेना कोई लक्ष्य निर्धारित करती है, तो उसे हर हाल में पूरा करती है – यही प्रतिबद्धता देश के प्रति है।
#WATCH | Delhi: Indian Air Force chief Air Chief Marshal Amar Preet Singh says, "There were times when we were always doubting the Indian industry that it could not give the product we wanted and we were looking outwards more, but over the last decade-plus, things have changed… pic.twitter.com/ENgeIX1YE1
— ANI (@ANI) May 29, 2025
“प्राण जाए पर वचन न जाए” – भारत का संकल्प
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने पूरी दुनिया के सामने यह संदेश दोहराया है कि:
“प्राण जाए पर वचन न जाए” – यही भारतीय रक्षा बलों का मूल सिद्धांत है।
उन्होंने कहा कि Whole of Nation Approach अब केवल एक विचार नहीं, बल्कि Mission Mode में लागू किया जाना चाहिए।
#WATCH | Delhi: Indian Air Force chief Air Chief Marshal Amar Preet Singh says, "Timeline is a big issue. So, once a timeline is given, not a single project that I can think of has been completed on time. So this is something we have to look at. Why should we promise something… pic.twitter.com/4aJxyuEcLx
— ANI (@ANI) May 29, 2025
AMCA और निजी क्षेत्र की भागीदारी
वायुसेना प्रमुख ने AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) पर जोर देते हुए बताया कि:
- इसकी परियोजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मंजूरी दे दी गई है।
- यह रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक “Game Changer” साबित होगा।
- यह आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) की दिशा में एक बड़ा कदम है।
#WATCH | Delhi: "We need to start designing and developing in India also and when it comes to producing in numbers, the capacity comes in. So we need to have this trust between the forces and the industry to continue…'Ek baar jo humne commit kiya hain, fir mein apne aap ki bhi… pic.twitter.com/IQtRt5cleq
— ANI (@ANI) May 29, 2025
“Make in India” से आगे – “Design in India”
उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत में रक्षा उपकरणों का निर्माण ही नहीं, बल्कि डिजाइन और विकास (Design & Development) पर भी ज़ोर देना होगा। यह तभी संभव है जब सशस्त्र बलों और निजी उद्योगों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग हो।
#WATCH | Delhi: Indian Air Force chief Air Chief Marshal Amar Preet Singh says, "Operation Sindoor, as it was told by the Chief of Naval Staff, the character of war is changing. Every day, we are finding new technologies coming in. Operation Sindoor has given us a clear idea of… pic.twitter.com/NbkdTdbBY5
— ANI (@ANI) May 29, 2025
वायुसेना की अनिवार्यता
एयर चीफ ने कहा:
“चाहे थल सेना हो या जल सेना, वायुसेना के बिना कोई भी बड़ा ऑपरेशन नहीं चल सकता।”
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि वायुसेना ने हर कदम पर निर्णायक भूमिका निभाई।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का यह संबोधन भारत की सुरक्षा रणनीति, रक्षा उत्पादन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर एक स्पष्ट दिशा दिखाता है:
- भारत की सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।
- प्रतिबद्धता हमारी ताकत है।
- उद्योग और सेना का तालमेल भविष्य की कुंजी है।
यह बयान भारत के रक्षा क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करता है – “जो वादा किया, वो निभाया जाएगा।”