भीषण भूकंप से प्रभावित वेनेजुएला की सहायता के लिए भारत ने बड़ा मानवीय राहत अभियान शुरू किया है। भारत सरकार ने इस मिशन को ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ नाम दिया है। इसके तहत भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान सेना की विशेष मेडिकल टीम, फील्ड हॉस्पिटल, दवाइयों और आपातकालीन राहत सामग्री के साथ वेनेजुएला के लिए रवाना हुए हैं।
स्पेनिश भाषा में ‘अमिस्ताद’ का अर्थ मित्रता है। मिशन का नाम भारत और वेनेजुएला के बीच मित्रता तथा संकट के समय मानवीय सहयोग की भावना को दर्शाता है।
हिंडन एयरबेस से रवाना हुए दो C-17 विमान
ऑपरेशन अमिस्ताद के अंतर्गत भारतीय वायुसेना के दो C-17 परिवहन विमानों ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को वेनेजुएला के लिए उड़ान भरी।
इन विमानों में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट के साथ 35 टन से अधिक राहत सामग्री, जीवनरक्षक दवाइयां, मेडिकल उपकरण और अन्य आपातकालीन सामान भेजा गया है।
C-17 ग्लोबमास्टर भारतीय वायुसेना का भारी परिवहन विमान है। यह कम समय में मेडिकल टीमों, अस्पताल उपकरणों, वाहनों और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री को लंबी दूरी तक पहुंचाने में सक्षम है।
OPERATION AMISTAD: INDIA DEPLOYS SPECIALISED INDIAN ARMY MEDICAL CONTINGENT TO EARTHQUAKE-HIT VENEZUELA
'Compartimos su dolor. Estamos con ustedes.'
Responding swiftly to the devastating earthquake in northern Venezuela, #India has launched Operation Amistad, deploying a… pic.twitter.com/Yg1m58CCho
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) June 26, 2026
60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यीय टीम
वेनेजुएला भेजी गई विशेष मेडिकल टीम भारतीय सेना के प्रतिष्ठित 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से जुड़ी है।
इस दल में कुल 41 सैन्यकर्मी शामिल हैं, जिनमें नौ मेडिकल ऑफिसर हैं। टीम में डॉक्टरों के अलावा नर्सिंग स्टाफ, ऑपरेशन थिएटर विशेषज्ञ, चिकित्सा सहायक और अन्य तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं।
मेडिकल दल को भूकंप जैसी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
टीम घायल लोगों को—
- आपातकालीन उपचार
- ट्रॉमा केयर
- जीवनरक्षक सर्जरी
- फ्रैक्चर और गंभीर चोटों का इलाज
- रक्तस्राव नियंत्रण
- जलने से घायल लोगों की चिकित्सा
- गहन देखभाल और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं
उपलब्ध कराएगी।
35 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी गई
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार भारतीय विमानों में कुल 35 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी गई है।
इसमें दवाइयां, सर्जिकल उपकरण, ट्रॉमा केयर सामग्री, मेडिकल उपभोग की वस्तुएं और फील्ड हॉस्पिटल स्थापित करने के लिए आवश्यक उपकरण शामिल हैं।
राहत सामग्री भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अस्पतालों पर बढ़े दबाव को कम करने और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की सहायता करने के उद्देश्य से भेजी गई है।
शुरुआती विवरणों में लगभग छह टन मेडिकल सामग्री भेजे जाने का दावा सामने आया था। हालांकि भारत सरकार की आधिकारिक जानकारी में पूरी सहायता सामग्री का वजन 35 टन से अधिक बताया गया है।
वेनेजुएला भेजे गए दो स्वदेशी BHISHM Cubes
ऑपरेशन अमिस्ताद के अंतर्गत भारत ने दो स्वदेशी BHISHM Cubes भी भेजे हैं।
BHISHM का पूरा नाम ‘भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एंड मैत्री’ है। इसे प्रधानमंत्री आरोग्य मैत्री परियोजना के अंतर्गत आपदा और सामूहिक दुर्घटनाओं के समय तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया गया है।
यह एक मॉड्यूलर और पोर्टेबल मेडिकल सिस्टम है, जिसे जरूरत के अनुसार कम समय में फील्ड अस्पताल में बदला जा सकता है।
प्रत्येक BHISHM Cube लगभग 200 अलग-अलग प्रकार के आपातकालीन मामलों को संभाल सकता है। इसमें ट्रॉमा, रक्तस्राव, जलने, फ्रैक्चर और अन्य गंभीर चोटों के उपचार के लिए दवाइयां एवं उपकरण मौजूद रहते हैं।
इसमें एक बुनियादी ऑपरेशन थिएटर के लिए जरूरी सर्जिकल उपकरण भी होते हैं, जिनकी मदद से प्रतिदिन लगभग 10 से 15 सामान्य सर्जरी की जा सकती हैं।
बिजली और ऑक्सीजन की अपनी व्यवस्था
BHISHM Cube की खासियत यह है कि यह सीमित मात्रा में अपनी बिजली और ऑक्सीजन भी पैदा कर सकता है।
इससे ऐसे क्षेत्रों में इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है, जहां भूकंप के बाद बिजली आपूर्ति, अस्पतालों और ऑक्सीजन व्यवस्था को नुकसान पहुंचा हो।
इसके उपकरण अलग-अलग छोटे मॉड्यूल में पैक होते हैं। इन्हें आवश्यकता के अनुसार स्थल मार्ग, विमान, नाव और कुछ परिस्थितियों में ड्रोन के माध्यम से भी आपदा प्रभावित स्थान तक पहुंचाया जा सकता है।
दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों को तेजी से खोजने तथा उनकी उपलब्धता पर नजर रखने के लिए इसमें डिजिटल और RFID आधारित प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है।
जयशंकर बोले—वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है भारत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ऑपरेशन अमिस्ताद की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान वेनेजुएला में भूकंप के बाद चल रहे राहत प्रयासों की सहायता के लिए रवाना हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सहायता में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां, मेडिकल उपकरण और दो BHISHM Cubes शामिल हैं।
जयशंकर ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय सेना ने भी मिशन के दौरान वेनेजुएला के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत उनके दर्द में सहभागी है।
Operation Amistad underway!
Two @IAF_MCC C17s took-off today for Venezuela with urgent assistance to support their post-earthquake relief efforts.
The assistance contains an Indian Army @adgpi Field Hospital Unit and over 35 tons of relief supplies, medicines and medical… pic.twitter.com/Dcq8P065tp
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 26, 2026
दो शक्तिशाली भूकंपों से मची तबाही
वेनेजुएला में 24 जून को कुछ ही समय के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे।
इनका केंद्र राजधानी कराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में बताया गया। भूकंपों के कारण कराकस, ला गुआइरा, मोरोन और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय तथा व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा।
कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी, संचार और स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित हुईं।
वेनेजुएला सरकार ने आपातकाल घोषित कर सेना, दमकल विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं को राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया है।
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
भूकंप में हजारों लोगों के घायल होने के कारण स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भारी दबाव है।
कई अस्पतालों की इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। ऐसे में भारत की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और BHISHM Cubes घायलों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भारतीय टीम स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय कर उन क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर स्थापित करेगी, जहां तत्काल उपचार की सबसे अधिक जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान में शामिल हुआ भारत
वेनेजुएला की अपील के बाद भारत के अलावा कई अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी राहत अभियान शुरू किया है।
विदेशी बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश, चिकित्सा सहायता, अस्थायी आश्रय और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में मदद कर रहे हैं।
भारत का ऑपरेशन अमिस्ताद मुख्य रूप से मेडिकल सहायता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित है।
आपदा राहत अभियानों का अनुभव
भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट को देश और विदेश में आपदाओं के दौरान मेडिकल सहायता देने का व्यापक अनुभव है।
इससे पहले भारतीय सेना, वायुसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने तुर्किये-सीरिया भूकंप के बाद ऑपरेशन दोस्त और म्यांमार भूकंप के बाद ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत राहत अभियान चलाए थे।
इन अभियानों में भारत ने फील्ड अस्पताल, सर्जिकल टीम, खोज एवं बचाव दल, दवाइयां और मानवीय सहायता सामग्री भेजी थी।
भारत की मानवीय सहायता नीति का हिस्सा
ऑपरेशन अमिस्ताद भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत नीति का हिस्सा है। भारत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित देशों को चिकित्सा सहायता, भोजन, दवाइयां, फील्ड अस्पताल और बचाव दल उपलब्ध कराता रहा है।
वेनेजुएला तक दो C-17 विमानों से मेडिकल टीम और 35 टन से अधिक सामग्री भेजना लंबी दूरी के सबसे महत्वपूर्ण हालिया भारतीय राहत अभियानों में शामिल है।
अब भारतीय मेडिकल टीम के वेनेजुएला पहुंचने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर फील्ड अस्पताल शुरू करने पर नजर रहेगी।