भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के फ्रेमवर्क को लेकर शनिवार (7 फरवरी 2026) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू करने का फैसला किया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देगा और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।
Addressing a Press Conference on the #IndiaUSJointStatement. https://t.co/S1E3Q3Yv4K
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, जिन उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू किया जाएगा, उनमें जेम्स एंड ज्वैलरी, फार्मास्यूटिकल्स, स्मार्टफोन, मशीनरी पार्ट्स, विमान के पुर्जे, एल्यूमिनियम और जिंक से जुड़े सामान, आवश्यक तेल, प्राकृतिक रबर, मसाले, चाय-कॉफी, काजू, नारियल, वनस्पति तेल, फल-सब्जियाँ और प्रोसेस्ड फूड जैसे कई प्रमुख सेक्टर शामिल हैं। इससे भारतीय उद्योगों को अमेरिका जैसे बड़े बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने इस समझौते में अपने किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। अमेरिका को कृषि और डेयरी उत्पादों पर किसी प्रकार की टैरिफ छूट नहीं दी गई है, ताकि घरेलू किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
उन्होंने कहा कि इस फ्रेमवर्क के जरिए लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था का विशाल बाजार भारत के लिए कम टैरिफ पर खुल गया है। अमेरिका ने भारत पर औसत टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जो चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती मिलेगी।
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