प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे के दौरान मणिपुर का भी दौरा किया। मिज़ोरम से लौटने के बाद वे सबसे पहले हिंसा प्रभावित चुराचांदपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने 7,300 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद राजधानी इंफाल में उन्होंने 1,200 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मणिपुर की जनता की हिम्मत और जज़्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह धरती हौसलों की प्रतीक है और यहाँ के हिल्स केवल प्रकृति का उपहार ही नहीं, बल्कि लोगों की मेहनत का भी प्रमाण हैं। पीएम मोदी ने बताया कि खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, इसलिए उन्होंने सड़क मार्ग से यात्रा की। रास्ते में लोगों ने तिरंगे के साथ उनका स्वागत किया, जिसे उन्होंने अविस्मरणीय बताया।
#WATCH चुराचांदपुर, मणिपुर: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मणिपुर की धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है…मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं। आप सभी भारी बारिश के बावजूद यहां आए, मैं आपके इस प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ… pic.twitter.com/2EvkyzbDAf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 13, 2025
प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर का नाम ही ‘मणि’ से जुड़ा है, जो आने वाले समय में पूरे पूर्वोत्तर की चमक को बढ़ाएगा। उन्होंने लगभग 7,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रोजेक्ट्स खासतौर पर जनजातीय समाज और पहाड़ी इलाकों के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाले हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पहले गाँवों तक पहुँचना बेहद कठिन था, लेकिन अब सैकड़ों गाँवों में सड़क कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है और जीरीबाम-इंफाल रेलवे लाइन जल्द ही मणिपुर को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे पर सरकार के फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से रेल और सड़क परियोजनाओं में भारी निवेश हुआ है। हाल के वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए और 8,700 करोड़ रुपए की लागत से नए राजमार्गों पर काम चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नल-से-जल योजना के तहत आज साढ़े तीन लाख से अधिक घरों में पानी पहुँच चुका है, जबकि कुछ साल पहले यह सुविधा केवल 25-30 हजार घरों तक सीमित थी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि चुराचांदपुर और मणिपुर अब बाकी देश के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि शांति किसी भी क्षेत्र के विकास की जड़ है। हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर के कई संघर्ष और विवाद बातचीत और आपसी समझ से हल किए गए हैं। उन्होंने सभी संगठनों से अपील की कि वे शांति का रास्ता अपनाकर अपने सपनों को पूरा करें।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी पहाड़ी इलाकों में मेडिकल कॉलेज नहीं था, लेकिन अब चुराचांदपुर में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित हो गया है। पीएम-देवाइन योजना के तहत पाँच पहाड़ी ज़िलों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना से अकेले मणिपुर में 2.5 लाख से अधिक मरीज़ों को मुफ्त इलाज मिल चुका है।
पीएम मोदी ने मणिपुर के लोगों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार उनके साथ है और शांति व विकास की दिशा में हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने वर्किंग वूमेन हॉस्टल और अन्य सामाजिक सुविधाओं के निर्माण का भी उल्लेख किया। अपने भाषण का समापन करते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर आशा और आकांक्षाओं की धरती है, और यहाँ एक नया सवेरा उग रहा है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel