प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया में 27वाँ अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की ऐतिहासिक यात्रा का अंतिम चरण नामीबिया में संपन्न हुआ, जहाँ उन्होंने कई अहम समझौतों और घोषणाओं के साथ भारत-नामीबिया संबंधों को एक नई ऊँचाई दी। 9 जुलाई 2025 को नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वह लोकतंत्र के इस मंदिर में भारत की 140 करोड़ जनता की ओर से शुभकामनाएँ लेकर आए हैं। उन्होंने भारत और नामीबिया के बीच औपनिवेशिक काल से चली आ रही समान संघर्ष की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देश आज समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मार्ग पर साथ चल रहे हैं।
इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान नामीबिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट वेल्वित्विया मिराबिलिस’ प्रदान किया। यह पीएम मोदी का अब तक का 27वाँ अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान है। इससे पहले वाजपेयी (1998) और वीपी सिंह (1990) के बाद मोदी तीसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने नामीबिया की धरती पर कदम रखा।
It was an honour to speak on India-Namibia friendship, our bond with Africa and India’s efforts for global good, during my address to the Namibian Parliament. pic.twitter.com/GQmB6CPDAX
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2025
यात्रा के दौरान एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई जब नामीबिया भारत की UPI (Unified Payments Interface) तकनीक को अपनाने वाला पहला देश बन गया। पीएम मोदी ने बताया कि भारत और नामीबिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार ₹6680 करोड़ (80 करोड़ डॉलर) को पार कर गया है और उन्होंने इसे “अभी तो तैयारी है, तेजी से और ज्यादा रन बनाएँगे” कहकर और विस्तार की संभावना के रूप में पेश किया।
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत नामीबिया को कैंसर के इलाज के लिए भाभाट्रॉन रेडियोथेरेपी मशीन देगा, जो पहले ही 15 देशों में पाँच लाख से अधिक मरीजों की मदद कर चुकी है। साथ ही, उन्होंने नामीबिया को भारत के जन औषधि कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया ताकि वहाँ की जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएँ उपलब्ध हो सकें।
Addressing the Joint Session of the Parliament of the Republic of Namibia. https://t.co/DvfaaKDYVX
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2025
पीएम मोदी ने नामीबिया की पहली महिला राष्ट्रपति के चुनाव पर भी बधाई दी और भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भारत के संविधान की शक्ति है कि एक आदिवासी बेटी आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राष्ट्रपति बन सकी।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा न केवल राजनयिक दृष्टिकोण से अहम रही, बल्कि इसने भारत की डिजिटल ताकत, स्वास्थ्य कूटनीति और सांस्कृतिक जुड़ाव को वैश्विक मंच पर एक बार फिर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।