प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंच गए, जहाँ उनका भारतीय समुदाय ने अत्यंत उत्साह और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। यह स्वागत उस समय और भी खास बन गया जब गिरमिटिया समुदाय के सदस्यों ने प्रसिद्ध गीत ‘गंगा मैया’ को तमिल भाषा में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो उठे। लोगों द्वारा प्रस्तुत किए गए इस गीत और पारंपरिक स्वागत ने वहां मौजूद सभी भारतीयों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और सांस्कृतिक गर्व की भावना को जन्म दिया। बच्चों द्वारा शांति मंत्र ‘ओम् सहाना ववतुः’ का उच्चारण और कलाकारों द्वारा नम्रता से झुककर सम्मान प्रकट करना इस समारोह का विशेष आकर्षण रहा।
जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के गिरमिटिया गीत 'गंगा मैया' की प्रस्तुति भावविभोर कर गई। इस गीत को तमिल में सुनना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा! इसमें उन लोगों की आशा और दृढ़ संकल्प की भावना समाहित है, जो कई दशक पहले यहां आए थे। भले ही उन्हें कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा,… pic.twitter.com/4wbdmdz21y
— Narendra Modi (@narendramodi) November 21, 2025
इस भावुक पल को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शेयर करते हुए लिखा कि यह अनुभव उनके दिल को छू गया और उन्हें अपार खुशी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह गीत उन भारतीयों के संघर्ष, साहस, उम्मीद और सांस्कृतिक जुड़ाव की प्रतीक है, जो वर्षों पहले कठिन परिस्थितियों में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे। उन्होंने अपनी पहचान और संस्कृति को गीतों, परंपराओं और भावनात्मक मूल्यों के माध्यम से सहेजकर रखा, जो आज भी जीवित हैं। मोदी ने इसे भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच अटूट संबंधों की मिसाल बताया।
The cultural connect between India and South Africa is truly heartwarming and timeless.
In Johannesburg, my young friends sang the Ganapati Prarthana, Shanti Mantra and other divine prayers with great devotion. Such moments reaffirm the enduring bonds between our people. pic.twitter.com/0VeCjHQSSN
— Narendra Modi (@narendramodi) November 21, 2025
इस बार का जी-20 सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है। यह सम्मेलन 21 से 23 नवंबर 2025 तक आयोजित हो रहा है और इसमें भारत का उद्देश्य ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करना है। यह प्रधानमंत्री मोदी की दक्षिण अफ्रीका की चौथी आधिकारिक यात्रा है, और इस यात्रा ने भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों तथा वैश्विक कूटनीति दोनों में एक नया सकारात्मक संदेश दिया है।
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