फ्रांस ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में औपचारिक मान्यता दे दी। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह घोषणा संयुक्त राष्ट्र की मिडिल ईस्ट पीस प्रोसेस की बैठक के दौरान की। फ्रांस से पहले सिर्फ 36 घंटों में ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल भी फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे चुके हैं। हालांकि, इज़रायल और अमेरिका ने अब तक यह कदम नहीं उठाया है। इटली ने भी फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी, जिसके चलते वहां राजनीतिक तनाव और जनाक्रोश बढ़ गया है।
इटली में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं। मिलान शहर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर सेंट्रल रेलवे स्टेशन में घुस गए और गाजा के समर्थन में युद्धविराम की मांग की। पुलिस को नियंत्रित करने की कोशिशों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्मोक बम, बोतलें और पत्थर फेंके। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की गई, जिससे सरकारी इमारतों और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
Milan is burning. 🔥
After PM Meloni refused to recognize a Palestinian state, far-left radicals & migrant gangs have turned Italy’s financial capital into a war zone.
Ports blocked, riots in streets, chaos everywhere. pic.twitter.com/bwumY2FDl0
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) September 22, 2025
इन प्रदर्शनों के कारण इटली में ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं और बंदरगाहों पर कामकाज ठप हो गया। रोम और मिलान में अब तक 10 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, झड़पों में 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सबसे बड़ी भिड़ंत मिलान के केंद्रीय रेलवे स्टेशन पर हुई, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने साफ कर दिया है कि वह बाहरी दबाव में आकर फिलिस्तीन को मान्यता नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि इटली में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन इसी मकसद से किए जा रहे हैं ताकि सरकार अपने रुख को बदले, लेकिन उनकी नीति स्पष्ट है।
अब तक दुनिया के 152 देश, जिनमें भारत, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सऊदी अरब शामिल हैं, फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे चुके हैं। यह संख्या संयुक्त राष्ट्र के लगभग 78% सदस्य देशों के बराबर है। भारत ने 1988 में ही फिलिस्तीन को मान्यता दे दी थी। इसके विपरीत, अमेरिका, इज़रायल, इटली और जापान जैसे देश अब भी इस कदम से दूरी बनाए हुए हैं।