जालंधर में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब निहंग सिख, पंजाब बचाओ मोर्चा और समाजसेवी भाना सिद्धू की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। ये लोग पादरी अंकुर नरूला के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर के बाहर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने नरूला का पुतला फूंका और सरकार तथा जाँच एजेंसियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सुरक्षा कारणों से ED दफ्तर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। इसके बाद पंजाब बचाओ मोर्चा की ओर से ED अधिकारियों को एक माँग-पत्र सौंपा गया। इस पत्र में अनुरोध किया गया है कि पादरी अंकुर नरूला को मिलने वाली विदेशी फंडिंग की पूरी और निष्पक्ष जाँच की जाए, ताकि यह पता चल सके कि विदेशों से आने वाले पैसे का उपयोग कहाँ और कैसे हो रहा है।
पंजाब बचाओ मोर्चा के प्रमुख तेजस्वी और भाना सिद्धू ने पादरी नरूला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि धार्मिक सेवा के नाम पर विदेशों से आने वाला धन गरीबों और समाजसेवा पर खर्च नहीं किया जा रहा। आरोपों के अनुसार यह पैसा महँगी संपत्तियाँ और लग्जरी गाड़ियाँ खरीदने में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यदि कोई विदेशी धन भारत आता है, तो उसके लिए सही कानूनी लाइसेंस होना अनिवार्य है और इसकी जाँच होनी चाहिए।
इसके साथ ही भाना सिद्धू ने अंकुर नरूला के ‘इलाज’ और ‘चमत्कार’ के दावों को झूठा बताते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। सिद्धू ने कहा कि यदि पादरी वास्तव में बीमारियों का इलाज करने में सक्षम हैं, तो वे मरीजों को उनके पास लेकर जाएँगे। यदि उपचार नहीं हुआ, तो ऐसे “ड्रामे” तुरंत बंद किए जाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर पंजाब का माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश का तीखा विरोध किया जाएगा।
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