धनबाद के बाघमारा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण टांडाबारी बस्ती में देर रात भीषण भूस्खलन (Landslide) हो गया, जिसमें कई घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
इस दर्दनाक हादसे में मोनू उरांव, उनकी बेटी गीता और परिजन सरिता देवी जिंदा मलबे में दब गए, जिससे इलाके में मातम पसर गया है।
BCCL पर गंभीर आरोप
यह इलाका भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के कोल माइंस जोन में आता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन के बाद गड्ढों और मुहानों को खुला छोड़ दिया गया था, जिससे बारिश के दौरान जमीन धंस गई और यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो यह त्रासदी टल सकती थी।

सड़कों पर उतरा गुस्सा
घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने राजगंज-महुदा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे शत्रुघ्न महतो को भी लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों की मांग है:
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई
- पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा
- खनन क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, बारिश बनी चुनौती
प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन लगातार बारिश और अस्थिर जमीन के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। आसपास के घरों को खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संजय सिंह के अनुसार, माइन सब्सिडेंस (भूमि धंसने) की जांच की जा रही है।
पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel