ओडिशा के बलांगीर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के अगलपुर ब्लॉक के सालेभाटा–कुटासिंहा मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास में करीब 5 फीट तक पानी भर जाने से इस महत्वपूर्ण सड़क पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। जलभराव के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बलांगीर और सुबर्णपुर को जोड़ता है प्रमुख मार्ग
सालेभाटा–कुटासिंहा सड़क बलांगीर जिले को सुबर्णपुर (सोनपुर) जिले से जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस सड़क का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया, मालवाहक वाहन, बसें और कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर करते हैं। लेकिन लगातार बारिश के चलते रेलवे अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही असंभव हो गई है।
दोनों ओर फंसे सैकड़ों वाहन
अंडरपास में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। इसके चलते सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। यात्री और स्थानीय निवासी घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव के कारण यातायात बहाल नहीं हो सका। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जलभराव में फंसा ट्रैक्टर, चालक सुरक्षित
बारिश के बीच एक ट्रैक्टर भी रेलवे अंडरपास में भरे पानी की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर अंडरपास के भीतर ही पानी में फंस गया और आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
आवागमन पर पड़ा व्यापक असर
सड़क बंद होने के कारण बलांगीर और सुबर्णपुर के बीच संपर्क प्रभावित हो गया है। रोजाना इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रा का समय और दूरी दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान इस रेलवे अंडरपास में पानी भर जाता है, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहता है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले इस मार्ग का उपयोग न करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। लगातार बारिश जारी रहने के कारण स्थिति फिलहाल सामान्य होती नहीं दिख रही है। अधिकारियों का कहना है कि पानी का स्तर कम होने के बाद ही यातायात बहाल किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि हाल ही में ओडिशा और झारखंड के बीच रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 145 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी थी। वहीं दूसरी ओर भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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