प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले महीनों में वैश्विक कूटनीति के तीन महत्वपूर्ण मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने से लेकर नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी और संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में संभावित संबोधन तक, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। इन बैठकों को भारत की वैश्विक भूमिका और रणनीतिक साझेदारियों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी
वर्ष 2026 का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। SCO मंच क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
भारत के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम होगी क्योंकि इसमें मध्य एशिया, रूस और चीन सहित कई प्रमुख देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चाओं की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक समझौतों पर चर्चा हो सकती है।
नई दिल्ली में होगा 18वां BRICS शिखर सम्मेलन
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन का आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
भारत ने अपनी BRICS अध्यक्षता के लिए “Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता” की थीम को अपनाया है। सम्मेलन का प्रमुख फोकस ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाना होगा।
BRICS समूह अब केवल पांच देशों तक सीमित नहीं है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे देश भी शामिल हैं। ऐसे में यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
UNGA में पीएम मोदी का भाषण रहेगा खास
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां सत्र 8 सितंबर 2026 से न्यूयॉर्क में शुरू होगा, जबकि उच्च स्तरीय आम बहस 22 सितंबर से प्रारंभ होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन उनका भाषण वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व रखता है।
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई, संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं में सुधार, वैश्विक दक्षिण के हितों और भारत की विकास यात्रा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को देखते हुए उनके संबोधन पर दुनियाभर की नजरें रहेंगी।
भारत के लिए क्यों अहम है यह कूटनीतिक महीना?
SCO, BRICS और UNGA जैसे तीन बड़े वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी यह संकेत देती है कि देश अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। इन बैठकों के दौरान कई द्विपक्षीय मुलाकातों, रणनीतिक समझौतों और निवेश संबंधी चर्चाओं की भी संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह व्यस्त कूटनीतिक कार्यक्रम भारत की विदेश नीति, व्यापारिक हितों और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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