राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष के अंतर्गत देशभर में एक व्यापक गृह संपर्क अभियान की शुरुआत गुरुवार को की है, जिसे संगठन ने दुनिया का सबसे बड़ा घर-घर पहुँचने वाला संपर्क कार्यक्रम बताया है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक लोगों से आमने-सामने जुड़कर संघ के बारे में जागरूकता बढ़ाना, उनके विचार जानना और उन्हें संगठन की विचारधारा, गतिविधियों और उद्देश्यों से सीधे जोड़ना है। इस अभियान में लगभग 80,000 स्वयंसेवक शामिल हैं, जिन्हें देशभर में अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया है।
इस घर-घर संपर्क अभियान के तहत आरएसएस के कार्यकर्ता परिवारों से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें भारत माता की तस्वीर और संघ का साहित्य भेंट करेंगे। केवल अवध क्षेत्र में ही 40 लाख घरों तक पहुँचने का लक्ष्य तय किया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, जहाँ संघ के सदस्यों ने लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी और लेखिका विद्या बिंदु सिंह सहित कई व्यक्तित्वों से मुलाकात कर उन्हें साहित्य प्रदान किया।
लखनऊ प्रभाग के विभाग कार्यवाह अमितेश सिंह के अनुसार अभियान को अभूतपूर्व पैमाने पर संगठित किया गया है। केवल लखनऊ में ही 49 नगर, 413 बस्तियाँ और 1,652 उप-बस्तियों में संघ के कार्यकर्ता पहुँचेंगे। इसके लिए 4,956 टीमों का गठन हुआ है, जिनमें लगभग 14,868 स्वयंसेवक शामिल होंगे। हर बस्ती और उप-बस्ती में पाँच प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की टीम नियुक्त की गई है, जो व्यक्तिगत संवाद के माध्यम से लोगों तक संघ का संदेश पहुँचाएँगी।
यह अभियान एक माह तक चलेगा और 21 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा। संघ का मानना है कि यह कार्यक्रम न सिर्फ संगठन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद और समझ को भी गहरा बनाएगा।
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