SCO समिट 2025: तियानजिन में प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट संदेश
चीन के तियानजिन में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। तीनों नेताओं की बातचीत ने समिट के महत्व को और बढ़ा दिया। इस मुलाकात को प्रधानमंत्री मोदी ने सुखद अनुभव बताया। मुलाकात के बाद उन्होंने SCO समिट को संबोधित किया और आतंकवाद, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण रखा।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi, Russian President Vladimir Putin and Chinese President Xi Jinping had a candid interaction as the world leaders arrived at the venue of the Shanghai Cooperation Council (SCO) Summit in Tianjin, China. pic.twitter.com/d3wzxh833d
— ANI (@ANI) September 1, 2025
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने SCO के लिए 3 नए स्तंभ—S (Security), C (Connectivity) और O (Opportunity) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने SCO को हमेशा परिवार की तरह जोड़े रखने की कोशिश की है। भारत की सोच और नीति इन्हीं तीन स्तंभों पर आधारित है।
मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद को वैश्विक खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए और न ही इसका समर्थन स्वीकार्य है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है और सभी देशों को इसके हर रूप और रंग का विरोध करना चाहिए। उन्होंने साइबर टेररिज्म और ड्रोन जैसी नई चुनौतियों पर भी चिंता जताई और आतंकवाद की आर्थिक मदद रोकने के लिए डी-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम जैसे कदमों का प्रस्ताव रखा।
पिछले 24 वर्षों में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने एशिया क्षेत्र में सहयोग और आपसी जुड़ाव को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत ने एक सक्रिय सदस्य के रूप में हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाई है।
SCO को लेकर भारत की सोच और नीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
S — Security… pic.twitter.com/qQEr2Y3hgV
— BJP (@BJP4India) September 1, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO-RATS की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अलकायदा और उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान शुरू किया है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत पिछले चार दशक से आतंकवाद का शिकार रहा है और हाल का पहलगाम हमला पूरी मानवता की अंतरात्मा पर चोट है।
आर्थिक मोर्चे पर मोदी ने भारत की Reform, Perform and Transform नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने कोविड से लेकर वैश्विक आर्थिक अस्थिरता तक, हर चुनौती को अवसर में बदला है। लगातार सुधारों से भारत में विकास और निवेश के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने SCO देशों को भारत की विकास यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
कनेक्टिविटी पर बोलते हुए मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन की BRI और CPEC परियोजनाओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोई भी कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट तभी सफल हो सकता है जब वह देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करे। भारत ने चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे पर अपने फोकस की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ संपर्क बेहतर बनाने के लिए भारत काम कर रहा है।
अंत में मोदी ने नशा तस्करी, साइबर सुरक्षा और संगठित अपराध जैसी नई चुनौतियों का जिक्र किया और कहा कि इनसे निपटने के लिए भारत चार नए केंद्र स्थापित करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत संपर्क और पारदर्शी व्यापार ही विकास और विश्वास का रास्ता खोल सकते हैं।
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