शुभांशु शुक्ला का मिशन Axiom-4: भारत की अंतरिक्ष यात्रा में ऐतिहासिक छलांग, गगनयान का रास्ता भी होगा साफ
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की ऐतिहासिक उड़ान भरने को तैयार हैं। वह 10 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से ‘स्पेसएक्स’ के ‘फाल्कन-9 रॉकेट’ के जरिए ‘क्रू ड्रैगन C213’ यान में सवार होकर Axiom Space के ‘Axiom-4 मिशन’ के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ओर रवाना होंगे। इस मिशन को ‘मिशन आकाशगंगा’ नाम दिया गया है। लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद, 11 जून की रात को यान ISS से जुड़ेगा।
लखनऊ में जन्मे 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन हुए थे और वह अब तक 2,000 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक और अन्य कई विमानों को उड़ाया है। शुभांशु अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के पहले व्यक्ति होंगे जो ISS तक निजी मिशन के तहत जा रहे हैं, और राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय नागरिक होंगे जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की है।
इस मिशन का भारत के लिए रणनीतिक और तकनीकी दृष्टिकोण से गहरा महत्व है। ISRO ने उन्हें गगनयान मिशन के शीर्ष संभावित अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल बताया है, जो भारत का पहला स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन होगा और जिसे 2027 में लॉन्च करने की तैयारी है। शुभांशु की यह यात्रा ISRO को तकनीकी अनुभव, व्यवहारिक प्रशिक्षण और मानव अंतरिक्ष उड़ान की जमीनी सच्चाइयों से परिचित कराने में मदद करेगी।
शुक्ला ने कहा, “हालांकि मैं एक व्यक्ति के रूप में अंतरिक्ष में जा रहा हूं, लेकिन यह 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक यात्रा है।” उनका मानना है कि यह मिशन युवा पीढ़ी की जिज्ञासा जगाने, इनोवेशन को प्रेरित करने और भविष्य में भारत को और भी महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों के लिए सक्षम बनाने में मदद करेगा।
भारत सरकार ने इस मिशन के लिए 60 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी पहले ही 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 तक मानवयुक्त चंद्र अभियान की घोषणा कर चुके हैं। शुभांशु की ट्रेनिंग रूस के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट सेंटर और अब बेंगलुरु स्थित ISRO केंद्र में जारी है।
अंतरिक्ष विभाग के अनुसार, यह मिशन सिर्फ एक उड़ान नहीं, बल्कि भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा के एक नए युग की शुरुआत है — जहां निजी और राष्ट्रीय प्रयास मिलकर भारत को वैश्विक स्पेस सुपरपावर बनाने की ओर अग्रसर कर रहे हैं।