नरेंद्र मोदी ने आज सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में भाग लिया। इस दौरान जनसभा में उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।
विशेष महापूजा, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण
समारोह के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने:
- ‘विशेष महापूजा’ में भाग लिया
- मंदिर के शिखर पर कुंभाभिषेक अनुष्ठान संपन्न कराया
- पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया
ये सभी अनुष्ठान मंदिर की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं।
स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित:
- एक स्मारक डाक टिकट
- एक स्मारक सिक्का
जारी किया, जो इस ऐतिहासिक अवसर को हमेशा के लिए यादगार बनाएगा।
Speaking at the Somnath Amrut Mahotsav. The Somnath Temple stands as a beacon of unwavering faith, divinity and a sacred symbol of India’s eternal soul. https://t.co/otO2YOCCUL
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“पूरी सृष्टि कर रही है जय सोमनाथ का जाप”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा:
“प्रभास पाटन की यह पवित्र भूमि दिव्य आभा से भरी हुई है। आकाश से पुष्पवर्षा, वैदिक मंत्रों की गूंज, कला-संगीत और समुद्र की लहरों की गर्जना—ऐसा लगता है मानो पूरी सृष्टि एक साथ ‘जय सोमनाथ’ का जाप कर रही हो।”
परमाणु परीक्षणों का भी किया जिक्र
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत की रणनीतिक शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा:
- 11 और 13 मई को हुए परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को भारत की क्षमता दिखाई
- उस समय वैश्विक दबाव के बावजूद भारत ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई
- अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश ने आत्मनिर्भरता और संकल्प का परिचय दिया
आस्था और राष्ट्रगौरव का संगम
‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ न केवल मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय शक्ति का भी प्रतीक बन गया है।
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